शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। शिमला जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नंद लाल का मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने 72 वर्ष की उम्र में शिमला के चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से रामपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
चमियाना अस्पताल में उपचार के दौरान निधन
जानकारी के अनुसार, विधायक नंद लाल को सोमवार सुबह शिमला के चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती करवाया गया था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जानने गए थे। मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी उनके निधन की पुष्टि की गई।
2007 में शुरू किया था राजनीतिक सफर, लगातार चार बार बने विधायक
नंद लाल का राजनीतिक सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उन्होंने पहली बार रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज की। इस तरह वह रामपुर से लगातार चार बार विधायक चुने गए।
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2007: पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
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2012: दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
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2017: लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
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2022: चौथी बार विधायक बने।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह को 567 मतों के अंतर से हराया था।
ITBP और SPG में भी दी थीं सेवाएं
राजनीति में आने से पहले नंद लाल ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में सेवाएं दी थीं। इसके अलावा वह विशेष सुरक्षा समूह (SPG) से भी जुड़े रहे और कमांडो के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं।
16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में जन्मे नंद लाल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। वर्ष 2007 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
मुख्य संसदीय सचिव से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष तक का सफर
विधायक बनने के बाद नंद लाल को वर्ष 2013 में मुख्य संसदीय सचिव (CPS) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
मार्च 2024 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया था।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया शोक
विधायक नंद लाल के निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें कांग्रेस के प्रति समर्पित नेता और महान देशभक्त बताते हुए उनके सार्वजनिक जीवन तथा देश की सुरक्षा में दिए योगदान को याद किया।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की गतिविधियां स्थगित
रामपुर के विधायक नंद लाल के निधन के चलते प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के तहत 3 और 4 नवंबर को आयोजित होने वाली पूर्व निर्धारित गतिविधियों को स्थगित करने का निर्णय लिया। उनके निधन से रामपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है।
हिमाचल की राजनीति में अपूरणीय क्षति
नंद लाल का जीवन देश की सुरक्षा सेवा से लेकर राजनीति तक के सफर की प्रेरणादायक मिसाल रहा। उन्होंने ITBP और SPG में सेवाएं देने के बाद रामपुर की जनता का प्रतिनिधित्व किया और लगातार चार बार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।
उनके निधन से हिमाचल प्रदेश ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया है। रामपुर क्षेत्र में उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।