Crypto Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2,500 करोड़ के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा के मुख्य सहयोगी जीरकपुर निवासी अतुल सूद को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने पंजाब के मोहाली, जीरकपुर व चंडीगढ़ स्थित सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चला 72 लाख नकद, अवैध संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खाते के रिकॉर्ड व कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
शिमला की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने आरोपी को 5 नवंबर तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी के अनुसार, यह फर्जी स्कीम वर्ष 2018 में मुख्य सरगना सुभाष शर्मा ने अपने साथियों हेमराज, सुखदेव ठाकुर, अभिषेक शर्मा और राधिका शर्मा के साथ मिलकर शुरू की थी, जो वर्ष 2023 में खुलकर सामने आई।
इस नेटवर्क में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के करीब 2.48 लाख निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर फंसाया गया था। आरोपियों ने फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर जनता से भारी-भरकम रकम जुटाई, जिससे निवेशकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा नुकसान हुआ।
Crypto Scam: Atul Sood, an associate of the main accused, arrested; ₹72 lakh in cash recovered.
जब्त डिजिटल उपकरणों की प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के जरिए करीब 20 अरब रुपये लेनदेन का खुलासा हुआ है। निवेशकों से टीम लीडरों के जरिए जुटाई नकदी सुभाष शर्मा और उसके सहयोगियों विजय कुमार जुनेजा व मासूम जुनेजा तक पहुंचाई जाती थी। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अतुल सूद सुभाष शर्मा की संपत्तियों के जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी एजेंट के रूप में सक्रिय था।

उसने बड्स एक्ट-2019 के तहत पहले से जब्त जमीन को फर्जी पहचान व सेल डीड के आधार पर जीरकपुर निवासी प्रोमिला सिंगला और संगीता मित्तल को करीब 1.30 करोड़ रुपये में बेचा था, जिसमें मिले चेक कभी भुनाए ही नहीं गए। सूद जिस फ्लैट में रह रहा था, वह भी उसने वर्ष 2020 में सुभाष शर्मा की पत्नी रोमिता कश्यप से खरीदा था।
केस दर्ज होने के बाद भी अतुल दुबई जाता था सुभाष से मिलने
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अतुल सूद दुबई में सुभाष शर्मा से मिलने जाता रहा और वहां उसके लिए सम्मेलनों व कार्यक्रमों का प्रबंधन करता रहा। निवेशकों के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में बड़ा हिस्सा नकद दिया जाता था और उनकी रजिस्ट्री वास्तविक मूल्य से काफी कम दिखाई जाती थी।
ईडी ने पूर्व में 13 दिसंबर 2025 और 15 जून को कार्रवाई करते हुए 1.5 करोड़ की चल संपत्तियां जब्त कर हेमराज, सुखदेव, अभिषेक, मिलन गर्ग व मासूम को गिरफ्तार किया था। अब ईडी विदेश में बैठे मुख्य सरगना पर शिकंजा कस रही है।
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