विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत आने वाले एक स्वायत्त संस्थान, रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के भारतीय वैज्ञानिकों ने ऐसे प्रमाण खोजे हैं जिनसे पता चलता है कि एक्स-रे पल्सर ‘सेंटॉरस X-3’ एक ‘एक्रिशन डिस्क’ (accretion disk) के जरिए पदार्थ को अपनी ओर खींचता है।
सेंटॉरस X-3, सेंटॉरस तारामंडल में लगभग 24,000 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। इसे ‘हाई-मास एक्स-रे बाइनरी’ (HMXB) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें एक कॉम्पैक्ट पिंड और एक विशाल साथी तारा शामिल है, जिसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से दस गुना से भी अधिक है। पल्सर एक अत्यधिक चुंबकीय, घूमने वाला न्यूट्रॉन तारा होता है, जो अपने चुंबकीय ध्रुवों के पास के क्षेत्रों से विकिरण (radiation) उत्सर्जित करता है।
Q1. Centaurus X-3 किस प्रकार की खगोलीय वस्तु है?
उत्तर: Centaurus X-3 एक एक्स-रे पल्सर (X-ray Pulsar) है, जो एक उच्च-द्रव्यमान वाली एक्स-रे बाइनरी प्रणाली का हिस्सा है।
Q2. Centaurus X-3 में कौन-सी प्रमुख खगोलीय वस्तु मौजूद है?
उत्तर: इसमें एक अत्यधिक चुंबकीय न्यूट्रॉन तारा है, जो अपने साथी तारे से पदार्थ खींचकर एक्स-रे उत्सर्जित करता है।
Q3. Centaurus X-3 हाल ही में खबरों में क्यों था?
उत्तर: अक्टूबर 2026 में भारतीय वैज्ञानिकों के शोध ने Centaurus X-3 में अभिवृद्धि डिस्क (Accretion Disk) और उससे जुड़ी संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।