फ्रांस ने शमोन्डा वायरस के इंसानों में पाए जाने वाले पहले मामले की पुष्टि की है। यह मामला एक ऐसे मरीज का है, जिसकी अक्टूबर 2026 में ल्योन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। शमोन्डा वायरस का पता सबसे पहले 1965 में नाइजीरिया में मवेशियों के बीच चला था, और तब से यह अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी पाया गया है।
यह वायरस मुख्य रूप से ‘कुलिकोइड्स मिजेस’ (Culicoides midges) के काटने से फैलता है; ये खून पीने वाले छोटे कीड़े होते हैं। इंसानों में संक्रमण का यह मामला ‘ज़ूनोटिक’ (zoonotic) बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ाता है—ये ऐसी बीमारियां हैं जो जानवरों से इंसानों में फैलती हैं।
Shamonda Virus (शमोंडा वायरस) एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से गाय, भेड़, बकरी और घोड़ों जैसे जानवरों को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर छोटे, काटने वाले कीड़ों (Culicoides midges) के काटने से फैलता है। अक्टूबर 2026 में फ्रांस में पहली बार इंसान में इस वायरस के संक्रमण का मामला दर्ज किया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य: फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि मरीज की मृत्यु अक्टूबर की शुरुआत में हुई थी। संक्रमण और मृत्यु के बीच संबंध की जाँच जारी थी; उस समय आम जनता के लिए कोई पहचाना गया स्वास्थ्य जोखिम नहीं बताया गया था।
शमोन्डा वायरस मुख्य रूप से किन जानवरों को प्रभावित करता है?
उत्तर: शमोन्डा वायरस मुख्य रूप से गाय-बैलों को प्रभावित करता है। यह भेड़, बकरियों और घोड़ों में भी पाया गया है।
शमोन्डा वायरस का संक्रमण आमतौर पर कैसे फैलता है?
उत्तर: यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित Culicoides नामक छोटे काटने वाले कीटों के माध्यम से जानवरों में फैलता है।