‘रुद्र’ (RUDHRA) – जो आवाज़ से चलने वाला एक अभिनव भारतीय ब्रेल प्रिंटर है – ने 2026 जेम्स डायसन अवार्ड के वैश्विक शीर्ष 20 फाइनलिस्टों में जगह बनाई है। जेम्स डायसन अवार्ड एक अंतरराष्ट्रीय डिज़ाइन प्रतियोगिता है, जो डिज़ाइन इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को प्रोत्साहित करती है और उनके काम को सराहती है।

‘रुद्र’ में स्पीच रिकग्निशन एल्गोरिदम, रास्पबेरी पाई प्रोसेसर और मैकेनिकल प्रिंटिंग पुर्ज़ों का इस्तेमाल किया गया है, जो बोली गई भाषा को ब्रेल (उभरे हुए अक्षरों) में बदल देते हैं। कम लागत वाली यह तकनीक दृष्टिबाधित लोगों के लिए बहुत मददगार है; यह बोलकर दिए गए निर्देशों से सीधे ब्रेल टेक्स्ट तैयार करना आसान बनाती है, जिससे उनके लिए चीज़ों तक पहुँच, आत्मनिर्भरता और शिक्षा के अवसर काफी बेहतर हो जाते हैं।
प्रश्न: जेम्स डायसन अवार्ड के ग्लोबल टॉप 20 में किस भारतीय ब्रेल डिवाइस को चुना गया?
उत्तर: RUDHRA नामक वॉयस-कंट्रोल्ड ब्रेल प्रिंटर को James Dyson Award 2026 के वैश्विक टॉप 20 में चुना गया। इसे आंध्र प्रदेश के श्री विष्णु इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर विमेन की छात्रा लिंगमपल्ली हिमाजा ने विकसित किया है।
प्रश्न: RUDHRA ब्रेल प्रिंटर कैसे काम करता है?
उत्तर: RUDHRA बोले गए शब्दों को टेक्स्ट में बदलकर ब्रेल पैटर्न तैयार करता है और उन्हें कागज पर उभरे हुए बिंदुओं के रूप में प्रिंट करता है। इससे दृष्टिबाधित लोगों को लिखने और दस्तावेज तैयार करने में मदद मिलती है।
प्रश्न: RUDHRA डिवाइस किसने बनाया है?
उत्तर: RUDHRA को आंध्र प्रदेश के भिमावरम स्थित Shri Vishnu Engineering College for Women की इंजीनियरिंग छात्रा लिंगमपल्ली हिमाजा ने विकसित किया है।
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