GSAT-7B Satellite: भारतीय सेना के पहले संचार उपग्रह की पूरी जानकारी

GSAT-7B Satellite

GSAT-7B भारतीय सेना का पहला समर्पित संचार उपग्रह है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 2028 के मध्य तक लॉन्च किया जाना है। यह उपग्रह सुरक्षित सैन्य संचार को मजबूत करेगा, खासकर अधिक ऊंचाई वाले इलाकों और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में।

 

मार्च 2023 में, रक्षा मंत्रालय ने इसके स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के लिए ISRO की कमर्शियल शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ 2,963 करोड़ रुपये का अनुबंध किया। रिपोर्ट के अनुसार, GSAT-7B के भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह बनने की उम्मीद है। यह उपग्रह कठिन इलाकों में भारतीय सेना के ऑपरेशनल समन्वय और संचार क्षमताओं को बेहतर बनाएगा।

FAQ Question & Answer

प्रश्न 1: भारतीय सेना के पहले समर्पित संचार उपग्रह का क्या नाम है?

उत्तर: भारतीय सेना के पहले समर्पित संचार उपग्रह का नाम GSAT-7B है।

प्रश्न 2: GSAT-7B को कब लॉन्च किया जाना है?

उत्तर: अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, GSAT-7B को 2028 के मध्य तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

प्रश्न 3: GSAT-7B का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को सुरक्षित और लगातार उपग्रह संचार सुविधा देना है, खासकर दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए।

प्रश्न 4: GSAT-7B को कौन विकसित कर रहा है?

उत्तर: GSAT-7B को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए NewSpace India Limited (NSIL) के साथ रक्षा मंत्रालय ने अनुबंध किया था।

5. मुख्य तथ्य

  • उपग्रह का नाम: GSAT-7B

  • लॉन्च का संभावित समय: 2028 का मध्य

  • संबंधित संगठन: ISRO और NSIL

  • मुख्य लाभ: सुरक्षित सैन्य संचार, दूरदराज के क्षेत्रों में संपर्क और युद्धक्षेत्र में कमांड एवं कंट्रोल को मजबूती।

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Author: Bolta Himachal

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