नाहन नगर परिषद की गाडिय़ां खड़े-खड़े पी रही डीजल, नई कार्यकारिणी ने उजागर किया मामला

उत्तर भारत की सबसे पुरानी नगरपालिका परिषद में शुमार नगर परिषद नाहन के खटारा व बंद पड़े वाहन भी डीजल पीते हैं। इस बात का खुलासा नगर परिषद नाहन के पिछले करीब एक साल से भी अधिक समय से खटारा व बंद पड़े वाहनों में नगर परिषद द्वारा लगातार भरवाए जा रहे डीजल के बिल से हुआ है।

 

हैरान कर देने वाला मामला यह है कि नगर परिषद द्वारा पिछले करीब एक साल से तीन खटारा वाहनों में रिकार्ड में प्रतिदिन डीजल का खर्च दिखाया जा रहा है, परंतु यह तीनों ही वाहन पिछले कई महीनों से सड़कों पर नहीं चल रहे हैं।

जब इस बात का खुलासा नाहन नगर परिषद की नई कार्यकारिणी को पता चला तो इसकी एक लंबी चौड़ी शिकायत 23 जून को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को भेजी गई, जिसके बाद इस मामले में जांच का जिम्मा विशेष सचिव शहरी विकास ने शहरी विकास के निदेशक को सौंप दिया है।

यह हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है नगर परिषद नाहन से जहां पर नगर परिषद की एक खटारा जीप जो कई महीनों से नगर परिषद के कार्यालय के सामने खड़ी है में लगातार डीजल का खर्च प्रतिमाह दिखाया जा रहा है।

इसके अलावा एक ट्रक में भी लगातार डीजल का खर्च नाहन नगर परिषद में दिखाया गया है, जबकि उक्त ट्रक पिछले करीब तीन महीने से भी अधिक समय से पांवटा साहिब में रिपेयर के लिए गया हुआ है , उसमें हाल ही में 20 जून को भी डीजल का खर्च दिखाया गया है।

इसके अलावा एक ट्रैक्टर जो नाहन से करीब चार किलोमीटर दूर नगर परिषद के कूड़ा संयंत्र के पास खड़ा है उसमें भी लगातार नगर परिषद नाहन द्वारा डीजल का खर्च दिखाया गया है। एक आकलन के मुताबिक अभी तक नगर परिषद नाहन द्वारा करीब छह लाख से अधिक रुपए का डीजल इन बंद वाहनों में खर्च दिखाया गया है। (एचडीएम)

तीनों वाहन जैसे थे वैसे ही छोड़े


नगर परिषद नाहन के पास एक पुरानी जीप (एचपी 18-0381) है, जिसका उपयोग नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर परिषद के चेयरमैन करते थे, परंतु यह जीप काफी समय से खराब पड़ी है। इसके बाद नगर परिषद नाहन के कार्यकारी अधिकारी द्वारा एक प्राइवेट टैक्सी 35 हजार मासिक किराए पर ली गई थी। इस बात का साफ है कि तीनों वाहन खटारा हालत में जहां थे वहीं खड़े हैं।

शिकायतकर्ता के बयान पर कार्रवाई

निदेशक हिमाचल प्रदेश शहरी विकास मनमोहन शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नाहन नगर परिषद में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत शहरी विकास मंत्रालय से प्राप्त हुई है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान कलमबंद किए जाएंगे। साथ ही जो भी अधिकारी व कर्मचारी जांच के दायरे में आएंगे उनके भी बयान लिए जाएंगे।

 

संयुक्त निदेशक को जांच का जिम्मा


मामले की गंभीरता को देखते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस मामले को विशेष सचिव शहरी विकास को तुरंत कार्रवाई के लिए भेज दिया है, जिसके बाद विशेष सचिव शहरी विकास द्वारा निदेशक शहरी विकास को इस मामले की तुरंत कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

निदेशक शहरी विकास मनमोहन शर्मा ने विभाग की संयुक्त निदेशक डा. राखी सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। शहरी विकास मंत्रालय की संयुक्त निदेशक शुक्रवार व शनिवार को दो दिन के जांच के लिए नाहन आ रही है।

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