मंत्री के गृह क्षेत्र का हाल, घायल महिला को पालकी से तीन किमी दूर एंबुलेंस तक पहुंचाया

हिमाचल: लगातार सात बार चुनाव जीतने वाले हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का गृह क्षेत्र धर्मपुर की एक सड़क का हाल देखिए। वर्ष 1998 में बनी तीन किमी लंबी गरली- साहल सड़क की किसी ने आज तक सुध नहीं ली।

मंत्री के गृह क्षेत्र का हाल
मंत्री के गृह क्षेत्र का हाल

अनदेखी के कारण अब सड़क का नामोनिशान मिट चुका है। ऐसे में आपात स्थिति में रोगियों को पालकी में डालकर ले जाना पड़ता है। गुरुवार को साहन गांव निवासी सरिता देवी पत्नी देशराज के साथ हुए हादसे के बाद की स्थिति ने इस कड़वे सच को फिर उजागर कर दिया।

ढांक से गिरकर गंभीर रूप से घायल सरिता देवी ग्रामीणों ने पालकी पर बैठाकर तीन किमी पैदल चलते हुए गरली बस अड्डा तक पहुंचाया। फिर 108 एंबुलेंस से घायल महिला को सरकाघाट नागरिक अस्पताल ले जाया गया। पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह और घरवासड़ा पंचायत के रूप चंद, मोहन लाल, सुरेंद्र पाल, टोडर मल, बालकराम, सुखराम, सुरजीत, सुरेश, रोशन लाल आदि ने बताया है कि यह रास्ता बेहद खतरनाक है। इस पर अकेले चलना भी जोखिम भरा है।

आपात स्थिति में स्थानीय लोगों कई परेशानियों से जूझना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की इस समस्या के चलते अब तक तीन लोग जान भी गवां चुके है।

भूस्खलन के लिए संवेदनशील क्षेत्र

पंचायत के उप प्रधान दान सिंह और वार्ड के सदस्य सुनील ने बताया कि 1998 में इस रोड के लिए स्थानीय विधायक और मंत्री महेंद्र सिंह ने शिलान्यास किया था। उसके बाद सड़क निकाली थी।

अब रखरखाव के अभाव में सड़क का नामोनिशान ही मिट गया है। यह क्षेत्र भूस्खलन के लिए काफी संवेदनशील है। बरसात में मिट्टी पत्थर गिर गिरते रहने से सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं, यह भी बताया गया है कि मामला फोरेस्ट क्लीयरेंस से भी जुड़ा है।

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