10वीं का रिजल्ट तैयार करेगी समिति, टेबुलेशन कमेटी में प्रिंसीपल-टीजीटी शामिल, सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

सरकार द्वारा दसवीं के छात्रों को प्रोमोट करने का फैसला लेने के बाद अब बोर्ड ने टैबुलेशन कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों के छात्रों के रिजल्ट को वेरिफाई करने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी। बता दें कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए टैबुलेशन कमेटी का गठन किया है।

इस कमेटी में प्रिंसीपल व टीजीटी शिक्षक शामिल  होंगे। यह कमेटी स्कूल लेवल पर छात्रों के तैयार किए गए रिजल्ट के आधार को चैक करेगी। साथ ही वेरिफिकेशन कमेटी भी बोर्ड की ओर से तैयार की गई है। इस कमेटी में भी सरकारी स्कूलों के वरिष्ठ शिक्षकों को शामिल किया गया है।

यह कमेटी प्राइवेट स्कूलों के तैयार किए गए रिजल्ट को वेरिफाई करने के साथ ही छात्रों को यूनिट टेस्ट में कितने मार्क्स आए हैं, वहीं छात्रों की एनरोलमेंट, असेस्मेंट व कई महत्त्वपूर्ण पहलुओं को जांचा जाएगा। बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार दसवीं के छात्रों की मैरिट तैयार करने का कार्य इसी माह से शुरू कर दिया जाएगा। वहीं सरकार से अगले हफ्ते छात्रों को प्रोमोट करने के लिए तैयार की गई टैबुलेशन कमेटी की रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

वहीं डेढ़ लाख छात्रों को प्रोमोट करने के लिए तैयार किए गए मानकों पर मंजूरी ली जाएगी। बताया जा रहा है कि बोर्ड दसवीं के छात्रों को प्रोमोट करने का फार्मूला शिक्षकों से भी पूछेगा। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में प्री-बोर्ड व अन्य मिड टर्म एग्जाम के  आधार पर  छात्रों की मैरिट तैयार की जाएगी। इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों में यूनिट टेस्ट का आकलन करने के बाद दसवीं के छात्रों की मैरिट तैयार की जाएगी।

दसवीं के छात्रों को प्रोमोट होने के लिए भी करीब 33 प्रतिशत नंबर अनिवार्य हैं। फिलहाल सरकार के आदेशानुसार अब डेढ़ लाख दसवीं के छात्रों को प्रोमोट करने के लिए टैबुलेशन कमेटी का गठन कर दिया है। अब इस कमेटी के गठन होने के बाद किस तरह से छात्रों की मैरिट बनती है, यह देखना होगा।

एसओएस के छात्र भी होंगे प्रोमोट

अहम यह है कि सरकार के आदेशों पर बोर्ड एसओएस के तहत दसवीं की परीक्षा देने वाले 17 हजार छात्रों को भी प्रोमोट करेगा। हालांकि इसके लिए भी तीन बिंदुओं पर बोर्ड कार्य करेगा। जानकारी के अनुसार दसवीं के छात्रों की मैरिट इस आधार पर तैयार होगी, जिसमें हर छात्र को न्याय भी मिले और विश्वसनीयता, क्रेडीबल, और रिजल्ट में पारदर्शिता बनी रहे।

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