हिमाचल में बिजली की नई दरें अब उपभोक्ताओं के सुझाव पर लागू होंगी। विद्युत नियामक आयोग ने इसके लिए 17 फरवरी तक सुझाव मांगें हैं। बिजली बोर्ड दरों में बढ़ोतरी करने के पक्ष में है और अब इस मामले की सुनवाई नियामक आयोग में चल रही है।

यह सुझाव 17 फरवरी तक दिए जा सकते हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग साल 2022-23 के लिए बिजली दरें तय करने से पहले लोगों की राय लेना चाहता है और इसी कड़ी में यह कदम उठाया गया है। इस बारे में आठ मार्च को आयोग के कुसुम्पटी में जनसुनवाई होगी।

हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सुझाव-आपत्तियां दी जा सकती हैं। सुझाव-आपत्तियों का बिजली बोर्ड 17 अप्रैल तक जवाब भेजेगा। बोर्ड के जवाब से असंतुष्ट लोग 23 अप्रैल तक दोबारा बात रख सकेंगे। राज्य बिजली बोर्ड ने 270 करोड़ के घाटे का हवाला देकर विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की है।

खर्चे पूरे करने को वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6140.92 करोड़ की बोर्ड को जरूरत है। बोर्ड ने दरों में दस से बारह फीसदी की बढ़ोतरी करने की नियामक आयोग से मांग की है। इससे पूर्व 2019 में पांच पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली महंगी हुई थी। बीते दो वर्षों के दौरान बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है।


इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में करीब 50 से 350 रुपए प्रतिमाह बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2020 में आयोग ने सबसिडी कम होने के बाद नई दरें फिर तय की थीं। राज्य विद्युत नियामक आयोग की सचिव छवि नांटा ने बताया कि इस संबंध में उपभोक्ता कार्यालय में सीधे तौर पर लिखित सुझाव दे सकते हैं। इसके साथ ही ई-मेल के माध्यम से भी सुझाव भेजे जा सकते हैं।

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