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प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर के 91 करोड़ के टैक्स माफ, मुख्यमंत्री जयराम ने मंडी में किया राहत का ऐलान

हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रदेश के प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बहुत बड़ी राहत दी है। सरकार ने प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर के 91.12 करोड़ रुपए के टैक्स माफ कर दिए हैं। इससे पहले भी प्रदेश सरकार इनके 62 करोड़ रुपए के टैक्स माफ कर चुकी है। अब प्रदेश सरकार ने टोकन टैक्स, यात्री कर और एसआरटी टैक्स में 91.12 करोड़ की राहत देने का ऐलान किया है। इसका लाभ स्कूल बस चलाने वाले निजी शिक्षण संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं के साथ अनुबंधित वाहन, टैक्सी, मैक्सी कैब, ऑटो रिक्शा और निजी बस ऑपरेटर को मिलेगा।

सरकार के नए ऐलान में पहली अपै्रल, 2020 से लेकर 30 नवंबर, 2021 तक दे टैक्स माफ होंगे। शुक्रवार को इस बात का ऐलान मंडी में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को अब तक दो वर्ष में प्रदेश सरकार 164 करोड़ की राहत प्रदान कर चुकी है। उधर, सरकार के इस निर्णय के बाद निजी बस ऑपरेटर यूनियन और देवभूमि टैक्सी यूनियन ने 27 दिसंबर को अपनी प्रस्तावित हड़ताल भी टाल दी है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि सरकार ने इस बार टोकन टैक्स पर 19 करोड़ 32 लाख, एसआरटी पर 35 करोड़ 13 लाख रुपए और यात्री कर के रूप में 36 करोड़ 67 लाख रुपए, कुल मिलाकर 91 करोड़ 12 लाख रुपए की राहत प्रदान की जा रही है। इससे पूर्व के 62 करोड़ और 11 करोड़ की कर्मशील पूंजी के रूप में यह आंकड़ा 164 करोड़ के पार जा बैठता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के चलते देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हुई है, जिसके चलते समाज के विविध वर्गों को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ा है।

उसी कड़ी में ट्रांसपोर्ट सेक्टर, जो जीवन की धड़कन माना जाता है, भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसमें निजी ट्रांसपोर्ट, स्कूल बसें और टैक्सी समेत करीब 52831 वाहनों के पहिए कोविड काल में थम गए थे। सरकार की ओर से इस दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 62 करोड़ की आर्थिक मदद की गई।

 

खासकर टोकन टैक्स और एसआरटी में राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर में आधी सवारियों के साथ बसें चलाने की छूट दी गई थी, मगर इससे भी क्षतिपूर्ति नहीं हो पा रही थी। ट्रांसपोर्टर्स से बातचीत करके अब सरकार ने तय किया है कि पहली अप्रैल, 2020 से लेकर 30 नवंबर, 2021 तक के उनके टैक्स माफ किए जाएं। 

 

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