कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ करें कार्रवाई: मुख्यमंत्री

कोविड मामलों में तेजी से हो रही वृद्वि के दृष्टिगत राज्य में स्वास्थ्य अधोसरंचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मंडी में मंडी व कुल्लू जिलों की कोविड-19 स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामाजिक समारोहों जैसे विवाह आदि के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को कोविड के मामले बढ़ने पर उपचार की मांग को पूरा करने के संबंध में पर्याप्त प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

Himachal news
Cm himachal pradesh

लोगों को फेस मास्क और हैड सेनेटाईजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ से बचना चाहिए। मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर भी नियमों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भंगरोटू और मदर चाईल्ड अस्पताल मंडी में बनने वाले प्री-फैब्रिकेटिड अस्पताल का कार्य जल्द शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए ताकि जिला में आॅक्सीजन युक्त बेड क्षमता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा बसों व अन्य सार्वजनिक परिवहन की प्रभावी सेनिटाईजेशन सुनिश्चित की जानी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि दुकानदारों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नो मास्क, नो सर्विस पाॅलिसी का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि निजी बस आॅपरेटरों द्वारा भी बसों की उचित सेनिटाईजेशन के साथ-साथ सवारियां निर्धारित संख्या में ही बिठाई जानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य है जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। जिले में आ रहे पर्यटकों द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। सभी दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू कर उनका पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग द्वारा होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों को काढ़ा उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और काढ़े को सही तरीके से पीने के लिए उनका मार्गदर्शन भी किया जाना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में सफाई कर्मियों द्वारा स्वच्छता अभियान भी चलाया जाना चाहिए।

 

उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटक मणिकर्ण, कसोल, मनाली इत्यादि पर्यटन स्थलों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। 

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ तथा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों के स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए उपयुक्त प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बैठक में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि जिले में एक लाख 33 हजार 878 नमूने लिए गए हैं जिनमें से 443 सक्रिय मामले हैं और पाॅजिटिविटी दर 8.25 प्रतिशत  और मृत्यु दर 1.12 प्रतिशत है।

 

जिले में 51 प्रतिशत मामले शहरी क्षेत्रों के हैं और मंडी शहर में ही 25 प्रतिशत मामले हैं। उन्होंने कहा कि अब तक टीकाकरण के दौरान जिले में एक लाख 64 हजार 280 कोविड-19 टीकाकरण की खुराकें दी जा चुकी हैं। जिले में कोविड-19 मरीजों के लिए 583 बिस्तरों की कुल क्षमता है।

 

उन्होंने कहा कि जिले में ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की क्षमता 323 है यह बीबीएमबी अस्पताल सुंदरनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रत्ती, भंगरोटू के प्रीफेब्रिकेटिड अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल सुंदरनगर तथा मातृ-शिशु अस्पताल मंडी में बढ़ाई जा सकती है। 

उपायुक्त कुल्लू डाॅ. रिचा वर्मा ने कुल्लू से बैठक में वर्चुअल माध्यम से भाग लेते हुए कहा कि जिले में कोविड-19 मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और जिले में अधिकतर मृत्यु कोविड-19 तथा अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 57 हजार 612 टीकाकरण खुराक दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तथा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य संबंधित जरूरतों के लिए जिले में मजबूत एवं पर्याप्त अधोसंरचना सृजित की गई है। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को जानकारी देने के लिए पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए प्रभावी प्रणाली भी विकसित की गई है और जिला में होम आईसोलेशन प्रणाली को भी सुदृढ़ किया गया है।

 

द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, अतिरिक्त दंडाधिकारी श्रवण मांटा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय नेरचैक के प्रधानाचार्य डाॅ. आरसी ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डाॅ. देवेन्द्र ठाकुर तथा जिले के अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।   

 

Author: बोलता हिमाचल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *