पालमपुर : मेरी पार्टी भी सर्वोच्च न्यायालय की सलाह मानने को तैयार नहीं, यह सोच कर मुझे भी शर्म आ रही है यह बात प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कही। सर्वोच्च न्यायालय ने एक बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि देश की सभी पार्टियां राजनीति में अपराधिकरण रोकना नहीं चाहती है।

 

सर्वोच्च न्यायालय कई दिनों से यह कोशिश कर रहा है कि गंभीर अपराध के आरोपियों को चुनाव न लडऩे दिया जाए। सब पार्टियां सहमत हों और कानून बनाएं, परंतु सभी पार्टियां ऐसा कानून नही बनाना चाहतीं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं पर बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे आरोप होते है पार्टियां उनको भी टिकट देती है और चुनाव जीत कर वे विधानसभा और संसद में पहुंचती हैं।

शांता कुमार
शांता कुमार

उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय और अटल कहा करते थे कि छल-कपट और दल-बदल से सरकारें तो बदल सकती हैं परंतु समाज बदलने के लिए मूल्य आधारित राजनीति चाहिए। आज उनकी बात भाजपा भी नही मान रही।

शांता कुमार ने कहा कि यही कारण है कि आजादी के 74 वर्ष पूरे करने के बाद भी 19 करोड़ लोग लगभग भूखे पेट सोते हैं। आज भी अति गरीब घरों की बेटियां खरीदी और बेची जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस सब के बाद भी सर्वोच्च न्यायालय की सलाह मान कर राजनीति में अपराधिकरण समाप्त करने को राजनीतिक दल तैयार नहीं।

आज की कठोर सच्चाई यह है कि पार्टियां वोट के लिए जी रही हैं, देश के लिए नहीं। अगर आज महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय आ जाएं तो सिर पटक कर और आंसू बहाकर कहीं भाग जाएं।

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