हिमाचल में आफत की बारिश, सात एन.एच. सहित 382 सड़कें बंद

प्रदेश में रैड अलर्ट के बीच सोमवार को बारिश ने खूब तबाही मचाई है। इसके बाद नदी-नाले उफान पर हैं। भू-स्खलन के कारण कई घरों, दफ्तरों, दुकानों, पशुशालाओं और सड़कों को भारी नुक्सान हुआ है। कई जगह जलभराव हो गया।

इससे राज्यभर में सात एन.एच. सहित 382 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही थम गई। चम्बा-भरमौर सड़क पर दुनाली में सुबह नौ बजे भू-स्खलन के बाद एक कार रावी नदी में गिर गई। इसमें एक परिवार के तीन व्यक्ति सवार थे। सुभद्रा देवी पत्नी फर्गू राम का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि फर्गू राम और उनके बेटे तेज सिंह अभी लापता हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के मुताबिक फतेहपुर में सुबह सवा 9 बजे नाले में जलस्तर बढऩे के बाद पानी लोगों के घरों में घुसा। इससे पांच कच्चे घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि आठ घरों को आंशिक क्षति हुई है। इस हादसे में दो गाय की मौत और एक लापता बताई जा रही है। गांव के प्रभावित परिवारों के लिए समीपके गुरुद्वारा में राहत कैंप बनाया गया है।

उधर, इंदौरा के पलख में कैचमैंट (जंगल) एरिया से तेज बहाव के साथ आया पानी व मलबा दीवार को तोड़ते हुए घरों में घुसा। इससे पलख गांव में पांच से सात मकानों को क्षति हुई है। नौहराधार के अंतर्गत लानाचेता के गांव गुमन की खड्ड में जलस्तर बढऩे से खड्ड के आसपास बने घरों व पशुशाला में मलबा घुस गया। क्षेत्र में किसानों की नकदी फसलों को भी नुक्सान हुआ है। ऊना के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।

ये एन.एच. रहे बंद


बारिश के बाद सात एन.एच. और 382 सड़कों पर जगह-जगह भू-स्खलन व पहाड़ी दरकने से कई-कई घंटे वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। इससे एन.एच. 154-ए चम्बा-भरमौर, एन.एच. 70 हमीरपुर-मंडी, एन.एच. 503 मुबारिकपुर-देहरा-रानीताल-कांगड़ा, एन.एच. 205 नौणी-ब्रह्मपुखर, एन.एच.-103 हमीरपुर-भोटा-घाघस, एन.एच. 305 सैंज-लूहरी और एन.एच.-5 परवाणु-रामपुर सुबह कुछ देर के लिए जगह-जगह बंद रहे।

दोपहर बाद तक सभी एन.एच. बहाल कर दिए गए। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चंडीगढ़-मनाली हाईवे भी सुबह आठ बजे ही बंद हो गया। कांगड़ा-शिमला एन.एच. भी तंबूमोड़, सोलन और सनवारा के पास भू-स्खलन के कारण बंद रहा। कुफरी के साथ लगते आर्मी एरिया के समीप भी एन.एच.-05 पर देवदार का पेड़ गिरने से भी कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

नदी-नालों के समीप न जाने की एडवाइजरी

सरकार ने मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सैलानियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के समीप न जाने की एडवाइजरी जारी की है, क्योंकि उफनते हुए नदी-नाले कभी भी अपनी चपेट में ले सकते हैं।

पी.डब्ल्यू.डी. को 162 करोड़ की चपत


भारी बारिश से पी.डब्ल्यू.डी. को अब तक 162.06 करोड़ का नुक्सान हो गया है। पी.डब्ल्यू.डी. का दावा है कि 352 जे.सी.बी., डोजर व टिप्पर सड़कों को बहाल करने में जुटे हैं। मंडी जोन में सबसे अधिक 227 सड़कें, शिमला जोन में 49, हमीरपुर जोन में 37 और कांगड़ा जोन में 62 सड़कें बंद हुईं।

Leave a Reply

Top
error: Content is protected !!