मास्क न पहनने वालों से जुर्माना वसूलें पंचायतें, क्वारंटाइन पर नजर भी रखें पंचायतें

हिमाचल में कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए सरकार ने पंचायत प्रधानों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को बद्दी पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने साफ कहा कि सभी प्रधान अपनी-अपनी पंचायतों में मास्क पहनना अनिवार्य करें और कोविड नियमों की कड़ाई से पालन करवाने को उन्हें अलग से जुर्माना तय करने की भी छूट रहेगी।

इसके अलावा वे बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का क्वारंटाइन भी सुनिश्वित करें और क्वारंटाइन के नियमों की कड़ाई से पालना करवाएं। लॉकडाउन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और जनता के बीच भी तनाव पैदा होता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्दी में हितधारकों के साथ कोविड की समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में  उनके दौरों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करना है। साथ ही उन्होंने लोगों से महामारी से लड़ने में राज्य सरकार की मदद के लिए आगे आने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार लोगों को शिक्षित करने के लिए भरसक प्रयास कर रही है, ताकि वे फेस मास्क पहनने और उचित पारस्परिक दूरी बनाए रखने जैसे सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से अपनाएं।

राष्ट्र ने साहसपूर्वक कोरोना महामारी की पहली लहर की चुनौती का सामना किया, अब कोविड-19 महामारी के मामलों में दूसरी बार आया उछाल अधिक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस साल 23 फरवरी को राज्य में केवल 218 सक्रिय कोविड-19 मामले बचे थे, जबकि अब यह संख्या 7700 के स्तर को पार कर गई है।

इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीबीएन दौरे के दौरान नालागढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सिरमौर जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की व सिरमौर में सभी तरह के प्रबंधों का जायजा लिया तथा उन्हें उचित दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में होम आइसोलेशन तंत्र को सुदृढ़ करने के अलावा कोविड-19 मरीजों का पता लगाने के लिए परीक्षण संख्या बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक कोविड-19 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चिकित्सकों को भी होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का उचित उपचार और नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।

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