नशे की प्रवृति को खत्म करने के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग की बिंदला पंचायत ने नई पहल की है। छह महिला मंडलों ने ग्राम सभा में यह प्रस्ताव पारित करवाया है कि अगर बीपीएल से नीचे जीवनयापन करने वाला कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में पाया जाता है तो इसका नाम इस सूची से काट दिया जाएगा।  प्रधान रोशनी देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया। महिलाओं ने पंचायत में शराब के अवैध कारोबार को बंद करने की मांग भी की है।

महिला मंडलों की सदस्यों का कहना है कि कई परिवार गरीबी का हवाला देकर बीपीएल सूची में शामिल हो जाते हैं, लेकिन शराब पीने के लिए इनके पास पैसे आ जाते हैं। इससे परिवारों में झगड़े हो रहे हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए महिला मंडलों ने यह प्रस्ताव ग्राम सभा में रखा। जिसे पारित कर दिया गया है। अब जो भी व्यक्ति नशे की हालत में पाया जाता है, उसका नाम बीपीएल सूची से हटाया जाएगा। ये प्रस्ताव महिला मंडल तलेहण, महिला मंडल देव बड़ेऊगी, दुर्गा महिला मंडल खडैण, महिला मंडल डवारू, महिला मंडल बिंदला और महिला मंडल मरोला ने लाया।

इसके अलावा बिंदला गांव तक सड़क न पहुंचने, प्रधानमंत्री सड़क योजना में माहोटा से तलेहण तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा न होने और मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी लुनसु से बिंदला तक पुल नहीं बनने पर भ रोष जताया गया। लोगों का कहना है कि शाकरा बिंदला सड़क का कार्य 500 मीटर शेष रह गया है। इसके लिए बजट का प्रावधान कर जल्द इस निर्माण कार्य की पूरा किया जाए। प्रधान रोशनी देवी का कहना है कि पंचायत को नशा मुक्त रखने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है कि गरीबी रेखा से नीचे जो भी व्यक्ति शराब पीते हुए पाया जाता है, उसका नाम बीपीएल सूची से काटा जाएगा। 

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