राजधानी शिमला में सालों से मुफ्त का पानी गटक रहे कई होटल संचालक

राजधानी शिमला में पेयजल मीटरों की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शहर के कई निजी होटल सालों से मुफ्त का पानी डकार रहे हैं। इनमें 80 से ज्यादा पेयजल मीटर ऐसे मिले हैं जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। होटलों में यह मीटर कब और कैसे लगे, इस पर पेयजल कंपनी के पास भी कोई जवाब नहीं है। कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में सभी होटलों को कुल 605 व्यावसायिक कनेक्शन दिए गए हैं।

बीते महीने कंपनी ने सभी वार्डों के कनिष्ठ अभियंताओं को शहर में गायब हुए हजारों मीटरों का पता लगाने का जिम्मा सौंपा था। इसके साथ ही शहर के सभी होटलों का निरीक्षण कर उनमें लगे पेयजल मीटरों का पता करने को कहा था। लेकिन जब अभियंताओं की टीम फील्ड में उतरी तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई।

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शहर के होटलों में 605 नहीं बल्कि 685 से ज्यादा पेयजल मीटर लगे हुए मिले। इन सभी मीटरों का पानी होटल संचालक इस्तेमाल कर रहे हैं। अब 80 से ज्यादा अतिरिक्त मीटर होटलों में कैसे लगे, इसका पता नहीं चल रहा। अंदेशा है कि कई होटलों ने फर्जी तरीके से कनेक्शन लिए हैं। अभियंता भी हैरान हैं कि उनके वार्डों में आखिर रिकॉर्ड से ज्यादा मीटर कैसे लगे। आने वाले दिनों में इसकी जांच में और खुलासे हो सकते हैं।

शहर के होटलों को कई सालों से बिल ही नहीं दिए
राजधानी के कई होटलों को दो से तीन साल से पानी के बिल जारी नहीं हुए हैं। कई होटल मालिक बिल मिलने का इंतजार भी कर रहे हैं। लेकिन कंपनी बिल जारी नहीं कर रही। होटलों को व्यावसायिक दरों पर पानी बिल जारी होते हैं। हर होटल का सालाना बिल लाखों रुपये बनता है, लेकिन कंपनी इन्हें बिल जारी नहीं कर पा रही।

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4150 मीटरों की तलाश जारी
शहर में गायब बताए जा रहे 4150 पेयजल मीटरों की तलाश जारी है। कनिष्ठ अभियंता की अगुवाई वाली टीमें अपने-अपने वार्ड में जाकर मीटरों की तलाश कर रही है। तीन मार्च तक इसकी रिपोर्ट मांगी है। एजीएम गोपाल कृष्ण ने कहा कि अभी जांच जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

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