जयराम ठाकुर ने डस्टबिन मे डाला अफसरशाही का कर्फ्यू, कहा, मुझे जनभावनाओं का ख्याल

नाइट कर्फ्यू के मुद्दे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश की अफसरशाही की ‘हेकड़ी’ तोड़ दी। राज्य की टॉप ब्यूरोक्रेसी शनिवार की छुट्टी के साथ नाइट कर्फ्यू का प्रोपोजल लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची। अपने उच्चाधिकारियों की तमाम दलीलें और तर्क सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने एक ही झटके में नाइट कर्फ्यू का प्रस्ताव खारिज कर दिया।

सीएम ने कहा कि पहले सोलन और ऊना जिला का टूअर करूंगा। इस दौरान सिरमौर और हमीरपुर जिलों की भी कोविड की समीक्षा होगी। इस आधार पर जिला पुलिस प्रशासन और सभी वर्गों के सुझाव लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद सोमवार को लौटकर नाइट कर्फ्यू और दूसरी पाबंदियों पर फैसला लिया जाएगा। सीएम ने दोटूक कहा कि प्रदेश में कोविड की नई बंदिशें संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के साथ जनभावनाओं को भी ध्यान में रखकर लगाई जाएंगी। बतातें चलें कि राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों ने प्रदेश में शुक्रवार शाम से नाइट कर्फ्यू का प्लान तैयार कर लिया था।

इस मुद्दे पर अफसरशाही एकजुट होकर शुक्रवार शाम पांच बजे सीएम ऑफिस में पहुंच गई। स्वभाविक रूप से स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए एक के बाद एक कई सख्तियां मांगी। इसमें कहा गया कि हिमाचल से सटे राज्यों में नाइट कर्फ्यू या लॉकडाउन लगाया गया है।

दिल्ली और चंडीगढ़ का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से सख्त बंदिशें लगाने का आग्रह किया गया। इतना ही नहीं, भीड़ की संख्या में और कटौती के साथ आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट सहित चालान में सख्ती के प्रस्ताव दिए थे। खास है कि इस दौरान मौजूद जयराम सरकार की टॉप ब्यूरोक्रेसी स्वास्थ्य विभाग के प्रस्तावों पर हां से हां मिलाती गई। समूची अफसरशाही ने एक स्वर में नाइट कर्फ्यू और कड़ी बंदिशों को ही कोरोना के खात्मे का कारण बताया।

पुख्ता सूचना के अनुसार अपनी टॉप ब्यूरोक्रेसी के तर्क सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन आम जनता पर बंदिशें लगाई जा रही हैं, मुझे उनकी भावनाओं का भी ख्याल रखना है। मुझे आम लोगों की सेहत के साथ उनके पेट की भी चिंता है। इन शब्दों के साथ सीएम ने नाइट कर्फ्यू सहित दूसरी कड़ी बंदिशों का सुझाव का प्रस्ताव यह कहकर खारिज कर दिया कि पहले वह फील्ड में जाकर समीक्षा करेंगे। उसके बाद सोमवार को पुनर्विचार करेंगे।

इन्होंने भी साझा किए विचार

बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय खुराना ने पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन के लंबित मुद्दे को हल करने के लिए 15 करोड़ रुपए अतिरिक्त लागत वहन करने और चंडीगढ़-बद्दी रेल लिंक के लिए भूमि अधिग्रहण के काम में तेजी लाने के लिए भी सीएम का आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन के महासचिव वाईएस  गुलेरिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सीआईआई के अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने सीएम को एक मांग पत्र प्रस्तुत किया। इस दौरान आईएमजेएस सिद्धू, एसके ठाकुर, अशोक राणा, राम गोपाल, अनुराग पुरी सहित कई उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री के साथ विचार साझा किए।

विरोधियों को संदेश

जाहिर है कि विरोधी हमेशा इस बात पर चुटकी लेते रहे हैं कि राज्य की अफसरशाही सरकार से फैसलों को रोलबैक करवाती है। इसके विपरीत नाइट कर्फ्यू के प्रस्ताव को लेकर आई अफसरशाही को झटका देकर सीएम ने यह बड़ा संदेश दिया कि अब निर्णय जनभावनाओं के मद्देनजर लिए जाएंगे।

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