खड़ी होने लगी एचआरटीसी की बसें, पीस मील कर्मचारियों की हड़ताल का देखभाल पर पडऩे लगा असर

पीस मील कर्मचारियों के तेवर हर दिन तीखे होते जा रहे हैं और इसका असर एचआरटीसी के आपरेशन पर दिखाई देने लगा है। दो दिन से निगम की बसों की आवश्यक देखभाल नहीं हो रही है और बसें सड़कों पर हांफने भी लग पड़ी है। पीस मील कर्मचारियों की टूल डाउन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही।

पालिसी की मांग को लेकर आंदोलन पर उतरे कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी हड़ताल 26 अगस्त तक जारी रहेगी। अगर इसके बावजूद निगम प्रबंधन व राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो अगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पीस मील कर्मचारी पालिसी की मांग उठा रहे है।

कर्मचारी पिछले लंबे अरसे से उक्त मांग को निगम प्रबंधन व राज्य सरकार के समक्ष उठा चुके हैं। मगर मांगों के पूरा न होने पर अब पीस मील कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। कर्मचारियों ने टूल डाउन हड़ताल कर वर्कशॉपों में काम बंद कर दिया है। कोर कमेटी के उपप्रधान संजीव कुमार ने कहा कि 933 कर्मचारी 28 डिपुओं में सेवा प्रदान कर रहे ।

हालांकि कुछ समय पहले निगम प्रबंधन द्वारा 410 कर्मचारियों को अनुबंध पर लाया गया था। इतना ही नहीं उक्त कर्मचारी नियमित भी हो गए है। मगर शेष रहते कर्मचारियों के लिए कोई पालिसी नहीं बनाई गई है। निगम की ओवरआल हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है।

रिटायर्ड कर्मचारियों को न तो समय पर पेंशन मिल रही है और न ही रिटायरमेंट बेनिफिट मिल रहा हैं। बसें इतनी खटारा हो गई हैं कि हर बस की छत से पानी टपक रहा है। सीसे टूटे हुए हैं। यात्री परेशान हो रहे हैं पर सरकार उपचुनावों और रैलियों की तैयारियों में व्यस्त है। 

वर्कशॉप में बाधित होने लगा है काम

पीस मील कर्मचारियों की हड़ताल के चलते वर्कशॉपों में बसों की रिपेयर का काम ठप पड़ गया है। कर्मचारियों के कार्य न करने से निगम प्रबंधन को बसों की रिपेयर का कार्य करने के लिए बाहर से मेकेनिक हायर करने पड़ रहे है जिसके लिए निगम प्रबंधन को ज्यादा राशि चुकानी पड़ रही है।

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