HP Cabinet Meeting : कोरोना कर्फ्यू 31 मई तक बढ़ा, नई आबकारी नीति को मंजूरी, 100 से ज्यादा पद भरे जाएंगे,

HP Cabinet Meeting : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित की गई हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू को 31 मई तक बढ़ाने के अलावा मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को अपनी मंजूरी दी

जिसमें वर्ष के दौरान 1,829 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह की परिकल्पना की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 228 करोड़ अधिक है जिससे 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कोविड से उत्पन्न वर्तमान स्थिति को देखते हुए आबकारी वर्ष 2020-21 को एक महीने 30 जून 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। नई आबकारी नीति 9 महीने यानी 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी।

सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि, मूल्य में कमी लाने के उद्देश्य और पड़ोसी राज्यों से इसकी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में   वर्ष 2021-22 के लिए इकाई/विक्रेता के मूल्य के तीन प्रतिशत के नवीनीकरण शुल्क वसूलने का फैसला लिया गया है। 

कैबिनेट ने आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी पुलिस को सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित कर दिया है ताकि राज्य के भीतर और राज्य के भीतर शराब की तस्करी, अवैध व्यापार और अवैध शराब बिक्री की जांच की जा सके।

 मंत्रिमंडल ने चालू वर्ष के टोल पट्टों को एक महीने बढ़ाकर 30 जून 2021 तक करने का भी निर्णय लिया, जिसकी बाद में नीलामी की जाएगी। वर्ष 2021-22 के लिए पट्टे 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2022 तक चालू रहेंगे।

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की 2021-22 बजट की नई घोषणा के अनुसार चारा विकास परियोजना के क्रियान्वयन करने स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने नव निर्मित नगर निगमों, मंडी, सोलन और पालमपुर में  विभिन्न श्रेणियों के 33 पदों को भी मंजूरी दी। इनमें से हर नगर निगम में 11 पद भरे जाएंगे।

 

 मंत्रिमंडल ने कृषि विभाग के सुचारू संचालन के लिए चालक के 20 पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में शिमला जिले में ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव जुंगा को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने की मंजूदी दी गई। 

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले की इंदौरा तहसील के अंतर्गत ठाकुरद्वारा में आवश्यक पदों के सृजन के साथ-साथ चंबा जिले में नई उप तहसील तेलका खोलने का निर्णय लिया। साथ ही कांगड़ा जिले की उप तहसील नगरोटा सूरियां को स्तरोन्नत करने के साथ-साथ आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया। 

बैठक में श्री नयना देवी तहसील के टोबा सांगवां (कौनालावाला टोबा), खरसी तहसील सदर बिलासपुर जिले की झंडुता तहसील में बडोल और रोहाल में नए पटवार सर्कल बनाने के साथ पटवारी के एक-एक पद भरने पर अपनी सहमति दी।  लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक पटवार सर्कल के लिए पार्ट टाइम वर्कर की भी भर्ती का फैसला लिया। 

सिरमौर जिले के सराहन में लोक निर्माण विभाग का नया डिवीजन और गगल शिकोर में सब डिवीजन बनाने की स्वीकृति दी। साथ ही सराहन- दो और गगल शिकोर में दो नए अनुभागों के साथ-साथ इन कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों का सृजन को मंजूरी दी।

कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र में एक नया सरकारी फार्मेसी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया। साथ ही इस कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने डॉ. वाईएस परमार शासकीय मेडिकल कॉलेज नाहन, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चंबा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक,  डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर, आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में सीधी भर्ती से एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 34 रिक्त पदों को भरने के लिए अपनी सहमति दी।

आईजीएमसी शिमला में सामान्य चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर के एक पद को सृजित करने और भरने के लिए भी अपनी सहमति दी। रोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईजीएमसी शिमला में नेफ्रोलॉजी विभाग और डॉ.राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पांच रिक्त पदों को भरने की अनुमति दी।

कैबिनेट ने कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए क्षेत्र के मरीजों की सुविधा के लिए 4.28 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन 128 स्लाइस मशीन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की। 

कैबिनेट ने कांगड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ जमुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने को भी मंजूरी दी। सोलन जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा मेहलोग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया।

कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में डॉक्टरों की संख्या मौजूदा नौ से बढ़ाकर 14 करने का भी निर्णय लिया गया। डॉक्टरों के पांच नए सृजित करने का फैसला लिया। लोगों की सुविधा के लिए सोलन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमपुर को छह से बढ़ाकर 50 बिस्तरों वाला सीएचसी करने का निर्णय लिया।

मंत्रिमंडल ने मंडी जिले के स्वास्थ्य उप केंद्र ततापानी को सांविधर खंडेरी में स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी।

 

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