Hp cabinet : हिमाचल सरकार ने तीन योजनाओं के नाम बदले, सैकड़ों पद भरने की मंजूरी,

Hp cabinet : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई हिमाचल प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में तीन महत्वपूर्ण योजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक में हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना का नाम परिवर्तित कर मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना करने, हिमाचल हेल्थकेयर योजना हिमकेयर का नाम परिवर्तित कर मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थकेयर योजना हिमकेयर रखने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा सहारा योजना का नाम परिवर्तित कर मुख्यमंत्री सहारा योजना करने को स्वीकृति प्रदान की।

 

वहीं, विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने नौवीं से 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 27 सितंबर से स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। 10वीं और 12वीं  कक्षाओं के विद्यार्थी सप्ताह में सोमवार, मंगलवार और बुधवार जबकि नौवीं और 11वीं कक्षाओं के विद्यार्थी गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को विद्यालयों में उपस्थित होंगे। आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं जारी रहेंगी। 

वन प्रशिक्षण संस्थान एवं रेंजर महाविद्यालय सुंदरनगर का नाम परिवर्तित कर हिमाचल प्रदेश वन अकादमी रखने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के 20 पदों को नियमित आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से भरने को मंजूरी दी। वहीं, कुल्लू जिला की मनाली तहसील की ग्राम पंचायत नसोगी के गांव छियाल में नया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, कांगड़ा के बैजनाथ में आवश्यक पदों के सृजन और भरने के साथ जल शक्ति विभाग का नया खंड खोलने, लोगों की सुविधा के लिए कुल्लू जिले की उप तहसील सैंज को तहसील के रूप में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की। 

 

कैबिनेट ने पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर्ज पॉलिसी 2020 के प्रावधानों के अनुसार उच्चत्तर और प्रारंभिक शिक्षा विभागों के तहत शैक्षणिक संस्थानों में बहुद्देशीय कार्यकर्ताओं के 8000 पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया है। इस नीति के अनुसार एक शैक्षणिक वर्ष में 10 महीनों के लिए 5625 रुपये प्रतिमाह मानदेय इन बहुद्देशीय कार्यकताओं को प्रदान किया जाएगा। वहीं राज्य में जेबीटी और सीएंडवी अध्यापकों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए स्थानांतरण नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया, जिसके अंतर्गत दूसरे जिले में स्थानांतरण के लिए निर्धारित वर्तमान कार्यकाल को 13 वर्ष से घटाकर पांच वर्ष किया गया है। इसमें अनुबंध अवधि भी शामिल है और वर्तमान तीन प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में आउटसोर्स पर रखे गए आईटी अध्यापकों के मानदेय में एक अप्रैल, 2021 से 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

 

बैठक में जिला मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र में शिलीलारजी और दमसेड में नए प्राथमिक विद्यालय खोलने का निर्णय लिया। जिला मंडी में राजकीय माध्यमिक पाठशाला शालागड़ को राजकीय उच्च विद्यालय और राजकीय उच्च विद्यालय धरोट धार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 10 पदों के सृजन के साथ इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। 

 

मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट को आवश्यक पदों के सृजन के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, कुल्लू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरसू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निथर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, कुल्लू जिले के जगातखाना, घाटू, बागीपुल और उरतू में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और इन स्वास्थ्य संस्थानों के प्रबंधन के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ भरने का निर्णय लिया।

कुल्लू के बंजार क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गडसा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने के साथ इस स्वास्थ्य संस्थान के लिए आवश्यक पदों के सृजन का निर्णय लिया गया। बैठक में सामान्य प्रशासनिक विभाग द्वारा स्वर्णिम दृष्टि पत्र व स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में वर्तमान कोविड-19 स्थिति पर प्रस्तुतियां दी गईं।

हिमाचल में आपदा आने पर सड़क के किनारे क्षतिग्र्रस्त बैरियरों को 15 दिन के भीतर बदलना होगा। यह इसलिए ताकि वाहनों चालकों को सफर करने वक्त परेशानी न झेलनी पड़े। अगर क्रैश बैरियरों के नट ढीले या टूट गए हो, पोल गिर गया है तो उसे दो दिन के भीतर ठीक करना होगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में क्षतिग्रस्त कैश बैरियरों को बदलने, रखरखाव की नीति को भी स्वीकृति प्रदान की है। रोड़ सेफ्टी की सिफारिश के चलते यह फैसला लिया गया। 

राज्य में बड़ी/मेगा/एंकर इकाइयों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति एवं नियम 2019 के अंतर्गत प्रदेश में कस्टमाइजड पैकेज ऑफ इन्सेंटिवज फॉर मेगा इंडस्ट्रीयल प्रोजैक्टस के लिए प्रस्ताव का प्रारूप तैयार करने को स्वीकृति प्रदान की गई।

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