टॉप 15 खबरें हिमाचल : कांगड़ा की बोह घाटी, कोरोना विस्पोट समेत पढ़े आज दिनभर की सभी बड़ी खबरें

कांगड़ा: बोह घाटी के रुमेहड़ गांव में मलबे से तीन और शव निकाले, पांच अभी भी लापता

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सोमवार को भारी बारिश के कारण हुई तबाही के बाद एनडीआरएफ ने दूसरे दिन मंगलवार को भी बचाव अभियान चलाया। शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के रुमेहड़ गांव में मलबे से तीन और शव निकाले गए। एक शव सोमवार को निकाला था।

डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल ने बताया कि अभी करीब पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। जिनके शव निकाले गए, उनमें शकुंतला देवी पत्नी प्रकाश चंद, भीम सिंह की बेटी ममता, बेटा कार्तिक और शिव प्रसाद पुत्र सुभाष शामिल है।

बोह घाटी की रुल्हेड़ पंचायत में मंगलवार को एनडीआरएफ टीम का बचाव अभियान पूरा दिन जारी रहा। जेसीबी और अन्य मशीनों से मलबे में दबे लोगों की निकालने की कोशिश जारी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रुमेहड़ गांव का हवाई और जमीनी जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और कहा कि सरकार बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। सीएम ने कहा कि मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके बारे में केंद्र सरकार को भी मंगलवार को ही अवगत करवा दिया था।

केंद्र सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भूस्खलन के कारण बोह घाटी में करीब आठ करोड रुपये का नुकसान हुआ है। करीब 13 घर मलबे की चपेट में आ गए हैं।

6 गोशाला, पशु चिकित्सालय, पंचायत घर भी भूस्खलन के कारण मलबे की चपेट में आ गए हैं। उधर, पर्यटन नगरी मनाली के हामटा डैम साइट में नाले में गिरने से लापता हुई एमबीबीएस छात्रा का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं लाहौल के उदयपुर में चंद्रभागा नदी में गिरी गाड़ी में सवार मुख्याध्यापक का शव भी 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला।

हिमाचल में 15 जुलाई से दो माह तक पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पर रहेगी रोक

रिवर राफ्टिंग
रिवर राफ्टिंग

हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए प्रतिबंध लग जाएगा। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा।

पर्यटन विभाग की उपनिदेशक सुनयना शर्मा ने बताया कि इस दौरान साहसिक खेल गतिविधियों में भाग लेने वाले पायलटों और रिवर राफ्टिंग करवाने वाले पंजीकृत लोगों के लाइसेंस रद्द होंगे और जुर्माना भी होगा। 

बीड व धर्मशाला के पायलट 15 जुलाई के प्रतिबंध के समय को स्थगित करने के लिए पर्यटन विभाग से आग्रह कर रहे थे। पर्यटन विभाग ने मामले में तकनीकी कमेटी से राय मांगी थी।

प्रदेश के कुल्लू-मनाली और शिमला के तत्तापानी में रिवर राफ्टिंग, जबकि कांगड़ा के बीड़-बिलिंग, धर्मशाला, चंबा के खज्जियार और बिलासपुर में पैराग्लाइडिंग होती है।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी के सदस्य नियुक्त

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

केंद्रीय केंद्रीय युवा सेवाएं एवं खेल और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को एक और नई जिम्मेदारी दी गई है। अनुराग संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इस केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं।  बता दें बीते सात जुलाई को नरेंद्र मोदी सरकार में अब तक हिमाचल प्रदेश से सबसे कम उम्र के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बने अनुराग ठाकुर को दो-दो मंत्रालय दिए गए थे। 

खतरे वाले इलाकों में नहीं जा पाएंगे पर्यटक, हिमाचल सरकार ने लगाई रोक

मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच पर्यटकों के लिए उन सभी अति संवेदनशील स्थानों पर जाने पर रोक है, जहां आपदा की आशंका है। इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर दिए हैं।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को इसके लिए सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बताया कि बारिश से कांगड़ा जिले में बहुत नुकसान हुआ है। एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं और लापता दस लोगों की तलाश की जा रही है।

सिरमौर की गिरि नदी में एक टापू पर फंसे चार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सीएम ने कहा कि सभी जिलों के डीसी और एसपी से कहा गया है कि आपदा के बाद जल्द  राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करें और सड़कें खोल दें, ताकि प्रभावितों को सही स्थान तक पहुंचाया जा सके।

सोमवार को भारी बारिश से कांगड़ा और सिरमौर में ज्यादा नुकसान हुआ है। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लापता हैं। एक महिला का शव भी बरामद हुआ है, जिसकी पहचान की जा रही है।

इस वर्ष भी किन्नर कैलाश यात्रा स्थगित, चोरी छिपे यात्रा करने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर

किन्नर कैलाश
किन्नर कैलाश

किन्नौर जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों के आग्रह व कोविड महामारी के दृष्टिगत इस वर्ष होने वाली किन्नर कैलाश यात्रा को रद्द कर दिया है। यह निर्णय मंगलवार को किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित ग्राम पंचायतों व मंदिर समितियों के मौतमीन उपस्थित थे।

बैठक में ग्राम पंचायतों के जन प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि कोविड महामारी को देखते हुए इस वर्ष भी किन्नर कैलाश यात्रा पूर्ण रूप से रद्द की जाए। उन्होंने आग्रह किया कि किन्नर कैलाश यात्रा के मुख्य मार्गों पर पुलिस व होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जाए ताकि कोई भी पर्यटक व तीर्थ यात्री चोरी-छिपे यात्रा पर न जा सके।

उपायुक्त ने पुलिस तथा होम-गार्ड प्रशासन को निर्देश दिए कि किन्नर कैलाश यात्रा के मुख्य मार्गों पर 24 घंटे होमगार्ड व पुलिस की तैनाती की जाए। उन्होंने स्थानीय ग्राम पंचायतों के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे भी पुलिस व होमगार्ड दल को इस कार्य में सहयोग देें, ताकि कोई भी व्यक्ति चोरी-छिपे किन्नर कैलाश यात्रा पर न जा सके।

बैठक में निर्णय लिया गया कि किन्नर कैलाश यात्रा को आगामी वर्ष में सुचारू रूप से आयोजित करने तथा तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करने के लिए उपमण्डलाधिकारी कल्पा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा,

जिसमें स्थानीय ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान सहित जिला प्रशासन के अधिकारी सदस्य होंगे। बैठक में उपमण्डलाधिकारी कल्पा स्वाती डोगरा, उप-पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार, तहसीलदार कल्पा विवेक नेगी के अलावा होम-गार्ड, वन विभाग व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों सहित ग्राम पंचायत पवारी के प्रधान भूपेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत रिब्बा के प्रधान राधिका, उपप्रधान पूर्वनी राज कपिल व मंदिर समिति के मौतमीन उपस्थित थे। विदित है कि गत वर्ष भी कोविड के चलते अधिकारिक तौर पर किन्नर कैलाश यात्रा को स्थगित कर दिया गया था।

राजेन्द्रन विश्वनाथ अर्लेकर ने बने प्रदेश के 28वें राज्यपाल, ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

राजेन्द्रन विश्वनाथ अर्लेकर
हिमाचल प्रदेश राज्यपाल

 

हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल राजेन्द्रन विश्वनाथ अर्लेकर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ले ली है। हिमाचल के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमथ ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी गोआ जैसा ही प्राकृतिक सौंदर्य और अतिथि सद्भावना है।

शपथ के बाद राज्यपाल राजेन्द्न विश्वनाथ ने कहा कि हिमाचल में आकर उन्हें खुशी हुई है और जो दायित्व मिला है उसे ठीक ढंग से निभाउंगा। हिमाचल के लोग आतिथ्यशील है जो हिमाचल और गोआ के रिश्तों को और मजबूत करने में मदद करेंगे। गोवा व हिमाचल में काफी समानता है। गोवा की मुक्ति के लिए हिमाचल के लोगों का भी योगदान है।

राज्यपाल ने कांगड़ा के रामसिंह का गोआ की आजादी में योगदान का जिक्र करते हुए उनके परिवार को ढूढ़ने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि गोवा और हिमाचल में पर्यटन की दृष्टि से भी समानता है। प्रदेश सरकार की योजनाओं को सहयोग देने में वह पूरी कोशिश करेंगे।

छात्रवृत्ति घोटाला : 3 निजी संस्थानों पर कसेगा सीबीआई का शिकंजा

छात्रवृत्ति घोटाला
छात्रवृत्ति घोटाला

बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में अब 3 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सीबीआई का शिकंजा कसने वाला है। इसी कड़ी में जांच एजैंसी ने संबंधित तीनों संस्थानों और विभिन्न बैंकों से कब्जे में लिए गए रिकॉर्ड को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई जल्द ही छानबीन को आगे बढ़ाते हुए संस्थानों के कर्मचारियों व अन्यों को पूछताछ के लिए शिमला तलब कर सकती है।

प्रदेश में सामने आए स्कॉलरशिप घोटाले में 22 से अधिक निजी संस्थानों पर करोड़ोंरु पए की छात्रवृत्ति राशि हड़पने का आरोप है। सीबीआई अब तक 11 के खिलाफ जांच को अमलीजामा पहनाते हुए अदालत में चालान भी पेश कर चुकी है। बताया गया है कि अन्य संस्थानों से जुड़े मामलों में भी जांच पूरी होने पर अलग-अलग चार्जशीट्स दायर की जाएंगी।

निजी संस्थानों पर करोड़ोंरु पए की छात्रवृत्ति राशि हड़पने का आरोप है। सीबीआई अब तक 11 के खिलाफ जांच को अमलीजामा पहनाते हुए अदालत में चालान भी पेश कर चुकी है। बताया गया है कि अन्य संस्थानों से जुड़े मामलों में भी जांच पूरी होने पर अलग-अलग चार्जशीट्स दायर की जाएंगी।

छात्रवृत्ति राशि का कुछ हिस्सा बिजनैस में भी किया इन्वैस्ट

छानबीन में यह भी सामने आया है कि करोड़ोंरु पए की हड़पी गई छात्रवृत्ति राशि का कुछ हिस्सा बिजनैस में भी इन्वैस्ट किया गया है। पूरे घोटाले में शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा की भूमिका सबसे अहम बनकर सामने आई है।

देखा जाए तो विभिन्न निजी संस्थानों ने हजारों छात्रों के नाम पर फर्जी तरीके से करोड़ोंरु पए की छात्रवृत्ति हड़प ली जबकि पूरे सिस्टम को कई सालों तक भनक नहीं लगी। जब मामला सामने आया तो पूरा घोटाला 250 करोड़ से अधिक आंका गया।

सीबीआई जांच के अंतर्गत सरकारी संस्थानों में अनियमितताओं से जुड़े कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अब तक निजी संस्थानों की संलितप्ता पूरे घोटाले में सामने आई है।

ईडी की जांच भी जारी, संपत्तियां होगी अटैच

जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर सीबीआई कुछ निजी शिक्षण संस्थानों सहित अन्यों के बैंक खातों को भी सीज कर चुकी है। इसके साथ ही ईडी भी जांच में जुटी हुई है।

आने वाले समय में ऐसी संपत्तियां भी अटैच हो सकती है जो छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम देकर बनाई गई हैं। कई संपत्तियों का जांच में पता लग चुका है और इस संबंध में दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।

एचपीयू शिमला ने रद्द किया यूजी द्वितीय वर्ष का शेड्यूल, 15 जुलाई से नहीं होंगी परीक्षाएं

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय
HPU SHIMLA

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने यूजी द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए जारी किए शेड्यूल को रद्द कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में प्रथम और दूसरे साल के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया गया है।

इस फैसले पर मंगलवार को विवि ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी करने में विवि ने एक हफ्ता लगा दिया। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया की ओर से की ओर से इस संदर्भ में बयान जारी किया गया है।

अधिसूचना का यूजी द्वितीय साल के हजारों विद्यार्थियों को बेसब्री से इंतजार था। आधिकारिक तौर पर विवि की अधिसूचना के बाद ही यह फैसला पुष्ट होना था। 

विवि की इस लेटलतीफी के कारण विद्यार्थी भी परेशान थे। अब इन विद्यार्थियों की चिंता दूर हो गई है। मंगलवार को विवि में हुई अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया।

सरकार ने स्नातक डिग्री कोर्स के पहले और दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों को  प्रमोट करने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय अब प्रमोट करने का फार्मूला तय करेगा। जिसके आधार पर छात्रों के परिणाम तैयार किए जाएंगे।

यूजी द्वितीय वर्ष के 15 जुलाई से परीक्षा शुरू करने के शेड्यूल को निरस्त करने पर विवि स्तर पर फैसला न लिए जाने और अधिसूचना जारी न होने से कॉलेजों में बनाए गए परीक्षा केंद्र के वरिष्ठ अधीक्षक, कॉलेज प्राचार्य परेशान और असमंजस में थे।

प्रमोट करने के फार्मूला पर स्थिति स्पष्ट नहीं

एक सप्ताह का समय बीत जाने पर भी विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र छात्राओं को प्रमोट करने के लिए अभी तक फार्मूला तय नहीं कर पाया है। 

बीटेक आईटी तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा स्थगित 

 हिमाचल प्रदेश विवि ने बीटेक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के जारी शेड्यूल के मुताबिक बीटेक आईटी के 14 जुलाई को बारह बजे पूर्व निर्धारित कोर्स ईसीई कोर्स नंबर-303 डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। इस परीक्षा की नई तिथि अलग से घोषित की जाएगी। परीक्षा प्रशासनिक कारणों से स्थगित की गई है। 

बिना रिजल्ट निकाले अगली परीक्षा के लिए मांग लिए फार्म

 हिमाचल प्रदेश विवि ने पीएचडी कोर्स वर्क, एलएलएम, एमफिल और डिप्लोमा इन क्लीनिकल साइकोलॉजी की रेगुलर प्रथम सेमेस्टर और दूसरे सेमेस्टर की रि-अपीयर की परीक्षा के लिए परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि को 22 जुलाई तक बढ़ाया है। 

परीक्षा फार्म विवि के पीजी पीजी एग्जाम पोर्टल पर उपलब्ध करवाए गए हैं। इधर, विद्यार्थियों का आरोप है कि जनवरी और फरवरी माह में पहले सेमेस्टर की हुई परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए बिना ही रि-अपीयर के परीक्षा फार्म भरवाए जा रहे हैं। यह परीक्षा जनवरी और फरवरी माह में हुई थी। पांच माह बीत जाने के बाद भी परिणाम नहीं निकला है। 

 

भाजपा महिला मोर्चा: शीतल के निलंबन पर बोली रश्मिधर सूद, बेकसूर की चढ़ गई बलि

हिमाचल प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की दो पदाधिकारियों के बीच बयानबाजी के वायरल ऑडियो के चलते हुई कार्रवाई के बाद अब मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रश्मिधर सूद खुलकर निलंबित हुई शीतल व्यास के पक्ष में आ गई हैं। महिला मोर्चा के फेसबुक पेज पर सूद की ओर से डाली गई एक पोस्ट में कहा गया है कि कसूरवार न होते हुए भी शीतल व्यास की बलि चढ़ गई।

पोस्ट में लिखा गया है कि सभी संगठन का अनुशासन बनाए रखें और ऑडियो, वीडियो बनाने और चुगलियां कर एक दूसरे महिलाओं के ऊपर आरोप, प्रत्यारोप न करें। 

वे बेहद दुखी हैं। अनुशासन बनाने के लिए कई बार बेकसूर बहनें भी बलि चढ़ जाती हैं और उनकी छोटी बहन शीतल व्यास कसूरवार न होेते हुए भी कसूरवार बन गई। ऐसा किसी और के साथ न हो इसलिए संगठन के नियमों का पालन करें और किसी तरह की स्टेटमेंट देने से बचें।

 

हालांकि कुछ समय बाद यह पोस्ट डिलीट कर दी गई लेकिन सोशल मीडिया पर यह नई पोस्ट वायरल हो गई। अमर उजाला ने जब इस पोस्ट और बयान के संबंध में सूद से बात की तो उन्होंने कहा कि उनकी नजर में रिकॉर्डिंग करने वाला कसूरवार है और शीतल कसूरवार नहीं है और वह कोई कमेंट नहीं करना चाहती। इधर, सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई रिकॉर्डिंग के वायरल होने से ज्यादा उसमें आपसी बातचीत के तरीके को कारण माना गया है। 

बयान के बाद बढ़ सकती है गुटबाजी

महिला मोर्चा की शीतल व्यास का समर्थन कर सूद की ओर से प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के फैसले पर सवाल उठाने के बाद पार्टी और मोर्चे में गुटबाजी के और बढ़ने की संभावना है। इस संबंध में सुरेश कश्यप से व्हाट्सएप पर मेसेज कर जवाब लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका जवाब नहीं आया।

हिमाचल: फिर डराने लगा कोरोना, 22 दिन बाद चार संक्रमितों की मौत, 151 नए पॉजिटिव

Coronavirus himachal
Coronavirus himachal

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। जिला चंबा, बिलासपुर और सोलन में एक्टिव मामलों का ग्राफ बढ़ने से सरकार की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में मंगलवार को करीब 22 दिन बाद चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई है।

इनमें जिला चंबा, मंडी, कांगड़ा और ऊना में एक-एक मरीज ने दम तोड़ दिया। उधर, प्रदेश में कोरोना के 151 नए मामले आए हैं। चंबा जिले में 40, मंडी 30, शिमला 23, कांगड़ा 20, सोलन 10, कुल्लू आठ, बिलासपुर सात, हमीरपुर पांच, ऊना पांच, किन्नौर दो और सिरमौर में एक नया मामला आया है। जिला कुल्लू के कोविड अस्पताल में पांच माह से एक भी संक्रमित मरीज उपचाराधीन नहीं है। 

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 150 मरीज ठीक हुए हैं। अब प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 203869 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 199170 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले 1203 हैं। प्रदेश में अब तक 3480 संक्रमितों की मौत हुई है।

बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना की जांच के लिए 14556 लोगों के सैंपल लिए गए। प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद मुख्य सचिव अनिल खाची ने डीसी, सीएमओ और अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को अलर्ट किया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिला शिमला में कोरोना के मामले बढ़ने की संभावना है। हिमाचल में सैलानियों की भीड़ उमड़ने, कोरोना नियमों का पालन न होने से मामले बढ़ रहे हैं। 

हिमाचल में गिरी सैंपलिंग

प्रदेश में 20 हजार लोगों की रोज सैंपलिंग होती थी लेकिन अब यह आंकड़ा 13 हजार से साढ़े 15 हजार के बीच चल रहा है। अवकाश के दिन सैंपलिंग 10 हजार और इससे नीचे रह रही है। 

मौसम का कहर: हिमाचल में 110 सड़कों पर यातायात ठप, 211 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित, दो दिन भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के में सोमवार को हुई बारिश के बाद मंगलवार को भी एक नेशनल हाइवे सहित 110 सड़कों पर यातायात ठप रहा। 266 बिजली ट्रांसफार्मर और 211 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। सोमवार रात को रोहतांग सहित लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे। मंगलवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा।

भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला लिया है। शाम चार बजे के बाद लेह जाने वाले सभी वाहनों को लाहौल के जिस्पा के आगे नहीं जाने दिया जाएगा।

पांगी-किलाड़-मनाली रोड पर मडग्रां के पास अवरुद्ध सड़क मंगलवार को भी बंद रही। प्रशासन ने सैलानियों के साथ आम लोगों को नदी-नाले व अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। कुल्लू जिले में 10, सिरमौर में 43 सड़कें बंद रहीं।

सिरमौर में 26 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कुल्लू में 36, नाहन मंडल में चार और राजगढ़ मंडल में आठ ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 17 जुलाई को शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पूरे प्रदेश में 19 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।

उधर, एनडीआरएफ और प्रशासन ने मंगलवार को मलबे में दबे और पानी में बहे पांच शव बरामद किए। कांगड़ा जिले में सोमवार को भारी बारिश के कारण हुई तबाही के बाद एनडीआरएफ ने दूसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान चलाया। शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के रुमेहड़ गांव में मलबे से तीन और शव निकाले गए। एक शव सोमवार को निकाला था।

डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल ने बताया कि अभी करीब पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रुमेहड़ गांव का हवाई और जमीनी जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और मृतकों के प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपए मुआवजे के तौर पर देने की भी घोषणा की। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया है कि प्रशासन की ओर से लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके बारे में केंद्र सरकार को भी मंगलवार को ही अवगत करवा दिया था। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी।

उधर, पर्यटन नगरी मनाली के हामटा डैम साइट में नाले में गिरने से लापता हुई एमबीबीएस छात्रा का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं लाहौल के उदयपुर में चंद्रभागा नदी में गिरी गाड़ी में सवार मुख्याध्यापक का शव भी 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला। 

उधर, सिरमौर में पांवटा साहब के तहत बांगरन गांव के पास गिरि नदी में बने टापू में फंसे छह लोगों को प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया।  

पांवटा के एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे तक दो महात्मा जहारगिरि, सेवा दास के अलावा गुज्जर नूरा और उसका पुत्र अब्दुल गन्नी, बहु मिसरा और नन्ही बच्ची समीना (3 साल) को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। 30 मवेशियों को तट पर पहुंचाया। 

वहीं, भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच पर्यटकों के लिए उन सभी अति संवेदनशील स्थानों पर जाने पर रोक है, जहां आपदा की आशंका है। इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर दिए हैं।

Cm himachal

पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को इसके लिए सुनिश्चित करने को कहा है। 

उन्होंने बताया कि बारिश से कांगड़ा जिले में बहुत नुकसान हुआ है। एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। सीएम ने कहा कि सभी जिलों के डीसी और एसपी से कहा गया है कि आपदा के बाद जल्द  राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करें और सड़कें खोल दें, ताकि प्रभावितों को सही स्थान तक पहुंचाया जा सके। 

हिमाचल: बोह में अब तक पांच लोगों को बचाया, नौ लोग अभी भी लापता

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