डेढ़ साल से कोरोना के जख्म झेल रहे प्रदेश के हर वर्ग को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बड़ी आस है। इसके चलते 15 अगस्त को सीएम प्रदेश के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं। राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलने की पूरी आस है। तीन साल के अनुबंध के बाद नियमित होने वाले कर्मचारियों को दो साल की अवधि की पूरी उम्मीद है।

कर्मचारियों के हित वाली इन संभावनाओं के बीच प्रदेश के हर वर्ग की निगाहें रविवार को मंडी जिला के सेरीमंच पर टिकी रहेगी। खासकर कोरोना की मार से अपना रोजगार खोने और व्यवसाय चौपट होने वालों को राहत की उम्मीद रहेगी।

हालांकि आर्थिक तंगी झेल रहे हिमाचल की तिजोरी के मद्देनजर सीएम के लिए भी राहत का पिटारा खोलना आसान नहीं होगा। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने पहले ही अपना 26 सूत्री मांगपत्र सौंप दिया है। इसमें पहली जनवरी, 2020 से लेकर पहली जुलाई, 2021 तक के लंबित महंगाई भत्ते की किश्त जारी करने की प्रमुख मांग है।

इससे प्रदेश के अढ़ाई लाख कर्मचारियों और सवा लाख पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। यही वजह है कि कर्मचारी और पेंशनर वर्ग को सीएम से महंगाई भत्ता मिलने की आस है। कर्मचारियों की मानें, तो उनका महंगाई भत्ता 11 से 12 फीसदी तक बढ़ गया है। इन परिस्थितियों में सरकार छह से सात फीसदी तक महंगाई भत्ता दे सकती है।

इसी प्रकार हिमाचल के कर्मचारियों की इस समय ज्वलंत मांग अनुबंध कार्यकाल कम करना है। उम्मीद लगाई जा रही है कि तीन साल की समयावधि दो साल कर अनुबंध कर्मियों को राहत देने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा केंद्र की पुरानी पेंशन बारे 2009 की अधिसूचना को प्रदेश में लागू करना कर्मचारियों की मांग का हिस्सा है।

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