हिमाचल: 10वीं कक्षा के प्रमोट विद्यार्थियों को अंक देने का फार्मूला तय, बोर्ड ने जारी की अधिसूचना

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कोरोना की वजह से प्रमोट किए 10वीं कक्षा के 1,31,902 विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करने के लिए अंकों का फार्मूला तय कर दिया है। इन छात्र-छात्राओं को सात प्रकार की श्रेणियों के हिसाब से अंक आवंटित किए जाएंगे।

 

इसमें नौवीं कक्षा का परिणाम, 10वीं के फर्स्ट व सेकेंड टर्म की परीक्षा, प्री बोर्ड, एनुअल पेपर, इंटरनल असेस्मेंट (आईएनए) और प्रैक्टिकल के अंकों को शामिल किया गया है। अगर एक विषय में थ्योरी समेत 100 अंक हैं तो इसमें 10 अंक नौवीं के, 10वीं की फर्स्ट और सेकेंड टर्म के 15-15, प्री बोर्ड के 40, 10वीं के लिए गए एक पेपर के 5, आईएनए के 15 अंक होंगे।

इसके अलावा जिन विषयों के जितने प्रैक्टिकल हैं, उनके 5 से 25 तक अंक दिए जाएंगे।  फार्मूले के अनुसार अगर किसी विद्यार्थी ने नौवीं और 10वीं  की प्री बोर्ड परीक्षा में 90 फीसदी अंक लिए हैं, तो उसे 9 अंक दिए जाएंगे। 80 वाले को 8, 70 वाले को 7 और 40 फीसदी वाले को 4 अंक दिए जाएंगे। हर विषय में अंक देने के लिए बोर्ड इसी फार्मूले को अपनाएगा। फर्स्ट टर्म, सेकेंड टर्म और प्री बोर्ड परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों को केवल पास मार्क्स 33 अंक ही दिए जाएंगे। बोर्ड ने अंकों के आवंटन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।

 

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पांच विभिन्न श्रेणियों के आधार पर अंकों का वितरण किया है, जोकि अन्य प्रदेशों के मुकाबले काफी सुदृढ़ और पारदर्शिता भरा है। अंत तालिका तैयार करते बार मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का भी ध्यान रखा गया है। – डाॅ. सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड।

परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थी दे सकेंगे परीक्षा

वहीं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड उन विद्यार्थियों को परीक्षा का मौका देगा, जोकि बोर्ड की ओर से अंक आवंटन के लिए तय किए गए मापदंडों से संतुष्ट नहीं होंगे। ऐसे विद्यार्थियों को बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए इंप्रूव ऑफ परफॉर्मेंस के लिए एक मौका दिया जाएगा।

कंपार्टमेंट के 2654 विद्यार्थियों को मिलेंगे 33 फीसदी अंक


प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत कंपार्टमेंट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को भी प्रमोट किया गया है। बोर्ड के पास 2654 विद्यार्थियों ने कंपार्टमेंट की परीक्षा देने के लिए पंजीकरण करवाया था, जिन्हें अब मिनिमन पासिंग मार्क्स के साथ प्रमोट कर दिया गया है। इसके अलावा इंप्रूवमेंट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों पर यह नीति जारी नहीं होगी, क्योंकि वे पहले ही पास थे। वहीं इस बार विद्यार्थियों के पास किसी भी प्रकार का री-चैकिंग और री-इवेलवेशन का कोई भी मौका नहीं होगा।

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