Himachal Cabinet Meeting : हिमाचल में स्‍कूल व कॉलेज 31 दिसंबर तक बंद, कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद निर्णय

Himachal Cabinet Meeting: कोरोना संक्रमण बढ़ता देख हिमाचल में मंगलवार 24 नवंबर से 15 दिसंबर तक रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा में नाइट कर्फ्यू लगेगा। इस दौरान यात्री व अन्य कोई भी वाहन नहीं चलेंगे और सभी दुकानें और शराब की दुकानें भी बंद रहेंगी। मास्क न पहनने वाले पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दफ्तरों में केवल आधा स्टाफ आएगा। कर्मचारी बारी-बारी से तीन-तीन दिन आएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में हिमाचल में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

31 दिसंबर तक पहले तीन दिनों में 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। शेष 50 प्रतिशत अगले तीन दिन आएंगे। सरकारी कार्यालयों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 50 फीसदी ही आएंगे। खुले स्थानों पर सभी सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, खेल आदि समारोहों में सामाजिक दूरी के नियमों की अनुपालना होगी।

इनमें केवल 200 लोग ही शामिल हो सकेंगे। जनमंच कार्यक्रम 15 दिसंबर तक नहीं होंगे। राज्य में सभी बसें 15 दिसंबर तक केवल 50 प्रतिशत सवारियों के साथ चलेंगी। बैठक में अगले वर्ष मार्च 2021 में नगर निगम धर्मशाला के लिए होने वाले चुनाव के साथ ही नवगठित नगर निगमों मंडी, सोलन और पालमपुर के भी चुनाव करवाने का निर्णय लिया है। पंचायत चुनाव भी तय समय पर होंगे।

कर्फ्यू के दौरान जारी रहेगी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने से सरकार ने चार जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाया है। कर्फ्यू के दौरान चार जिलों शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में अब जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति की जा सकेगी। इसमें दवा की दुकानें, दूध-ब्रेड, खाद्य आपूर्ति की वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। नाइट कर्फ्यू में जरूरी काम से आने जाने के लिए पास बनाना अनिवार्य होगा। यह पास जिला प्रशासन की ओर से जारी किए जाएंगे।

कर्फ्यू जिले में एंबुलेंस चलती रहेंगी। अगर किसी के गाड़ी में गंभीर रोगी अस्पताल ले जाया जा रहा है तो उस गाड़ी को नहीं रोका जाएगा। सरकार ने मास्क पहनना अनिवार्य किया है। अगर कोई व्यक्ति मास्क नहीं पहनता हुआ पाया जाता है तो उसे 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। बसों और निजी वाहनों में भी बिना मास्क चालक और अन्य लोगों से जुर्माना वसूला जाएगा।

 

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहले मिलेगी कोरोना वैक्सीन

हिमाचल में सबसे पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। ये कार्यकर्ता लोगों के घर-घर जाकर कोरोना के टीके लगाएंगे। केंद्र ने सरकार को अपनी तैयारियां पूरी करने के लिए कहा है। देश-विदेश में कोरोना को लेकर परीक्षण अंतिम चरण में है। अगले साल शुरू में वैक्सीन आने की संभावना है। इसके चलते तैयारियां रखने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने सोमवार को कैबिनेट बैठक में कोरोना की स्थिति को लेकर प्रस्तुति दी। उन्हें प्रदेश में वैक्सीन को लेकर सेंटर स्थापित करने को कहा गया। अस्पतालों में भी यह वैक्सीन दी जाएगी, ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को टीके लगाए जा सकें। कोरोना से प्रदेश में 1.7 डेथ रेट है।

हिमाचल में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने 31 दिसंबर तक सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। सभी स्कूलों-कॉलेजों, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों पर यह आदेश लागू रहेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। विवि प्रबंधन एक स्वायत्त संस्था होने के चलते स्वयं इस बाबत फैसला लेगा।

सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 31 दिसंबर तक बंद किए गए शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई 26 नवंबर से शुरू होने का फैसला लिया गया। इस दौरान सभी शिक्षकों को घरों में रहकर काम करना होगा। शीतकालीन स्कूलों में एक जनवरी, 2021 से 12 फरवरी तक सर्दियों की छुट्टियां देने का फैसला लिया है।

हालांकि इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों को लेकर सरकार दिसंबर में फैसला लेगी। एक से 14 दिसंबर तक प्रस्तावित पहली से बारहवीं कक्षा की सेकेंड टर्म ऑनलाइन परीक्षाएं निर्धारित शेड्यूल से ही होंगी। विंटर स्कूलों का शैक्षणिक सत्र दिसंबर 2020 की जगह मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है। पहली से चौथी, छठी-सातवीं के विद्यार्थी मार्च में फर्स्ट और सेकेंड टर्म की परीक्षाओं की असेसमेंट आधार प्रमोट होंगे।

पांचवीं और आठवीं से बारहवीं कक्षा की पूरे प्रदेश में एक साथ अगले साल मार्च में वार्षिक परीक्षाएं होंगी। बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाओं में तीस फीसदी कम किए सिलेबस के तहत सवाल पूछे जाएंगे। पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र स्कूल शिक्षा बोर्ड देगा, लेकिन परीक्षाएं शिक्षा विभाग लेगा। प्रिंसिपल हाई स्कूलों, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में 26 नवंबर के बाद जरूरत के हिसाब से शिक्षकों और गैर शिक्षक को बुला सकेंगे।

कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते हिमाचल सरकार को विधानसभा का शीत सत्र आगे टालने की नौबत आ गई है। इसके लिए राज्य सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। अगर यह सत्र टाला जाता है तो इसे मार्च तक आयोजित किया जा सकता है। तपोवन धर्मशाला में यह सत्र सात दिसंबर से पांच दिन के लिए प्रस्तावित है।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सोमवार को मीडिया से बताया कि सत्र छह महीने के अंदर बुलाया जाना जरूरी होता है। ऐसे में मार्च तक सत्र बुलाया जा सकता है। इस बारे में सभी पार्टियों से विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सत्र टालने के संकेत दिए हैं।

उन्होंने भी इस बारे में सभी दलों के साथ मंत्रणा के बाद ही कोई फैसला लेने को कहा है। मालूम रहे कि कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत कई अन्य विधायक भी कोरोना के चलते सत्र आयोजित करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने सरकार को पुनर्विचार करने को कहा है।

 

 

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