हिमाचल की सियासत में दबंग नेता के रूप में जाने जाते थे GS BALI

हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह सरकार में 2 बार कैबिनेट मंत्री रहे जीएस बाली के निधन से कांग्रेस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गहरा आघात लगा है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय शिमला में जीएस बाली के निधन पर शोक प्रकट करने के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के अलावा अन्य कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर दिवंगत नेता को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

विरोधी दल के नेता भी करते थे सम्मान

जीएस बाली को प्रदेश की सियासत में दबंग नेता के रूप में जाना जाता था, जिनका अपनी पार्टी के साथ विरोधी दल के नेता भी सम्मान करते थे। उन्होंने अपने हक की लड़ाई के लिए कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने से भी गुरेज नहीं किया। इसी कारण एक बार मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की बात कहकर सियासत में हलचल मचा दी थी। पूर्व धूमल सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने 2 बार प्रदेश सरकार में परिवहन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता तथा पर्यटन मंत्री जैसे अहम विभाग संभाले।

हिमाचल में पहली बार इलैक्ट्रिक बसें लाए, अफसरशाही पर नकेल कसी

बतौर परिवहन मंत्री वह हिमाचल प्रदेश में पहली बार इलैक्ट्रिक बसें लेकर आए थे। इसके अलावा शिमला में एचआरटीसी टैक्सी सेवा शुरू करने का श्रेय भी उनको जाता है। उनकी अफसरशाही पर पकड़ थी, इसी कारण अधिकारी भी उनकी तरफ से दिए गए कार्य को करने में कभी गुरेज नहीं करते थे। उन्होंने बेरोजगारों के पक्ष में प्रदेश भर में यात्रा भी निकाली तथा शिमला में बेतरतीब ढंग से हुए निर्माण कार्य के लिए सरकार में रहते हुए उस समय के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखकर मामला भी उठाया था। इस तरह विधानसभा के अंदर और बाहर उनकी छवि एक दबंग नेता के रूप में मानी जाती थी।

मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे

जीएस बाली मुख्यमंत्री पद के दावेदार नेताओं में से एक रहे। वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए भी वह इस दौड़ में शामिल रहे। हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी मर्यादा को नहीं तोड़ा। पिछला विधानसभा चुनाव हारने के बाद वह इस बार भी कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री पद कांगड़ा जिला को देने की वकालत करते रहे।

4 बार विधायक रहे

67 वर्षीय जीएस बाली 4 बार नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। वह वर्ष 1998, 2003, 2007 व वर्ष 2012 में विधायक बने। इसके अलावा वह वर्ष 2003 से 2007 और वर्ष 2012 से 2017 तक मंत्री रहे।

 

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नड्डा, परमार व अग्निहोत्री सहित अन्य नेताओं ने शोक जताया

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार व प्रो. प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष विप्लव ठाकुर एवं सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने जीएस बाली को जिंदादिल इंसान बताते हुए उनकी प्रदेश के लिए दी गई सेवाओं की सराहना की।

नई व्यवस्था: कोविड से हुई मौत का प्रमाण-पत्र लेने के लिए नहीं भटकेंगे परिजन

Follow Facebook Page

Author: बोलता हिमाचल

1 thought on “हिमाचल की सियासत में दबंग नेता के रूप में जाने जाते थे GS BALI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *