हिमाचल को शिक्षा के लिए आठ करोड़, कोरोना के बीच केंद्र सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को जारी की ग्रांट

स्टार प्रोजेक्ट के तहत अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों का विकास शुरू हो गया है। कोविड के बीच केंद्र ने सरकारी स्कूलों के विकास को लेकर आठ करोड़ के बजट की ग्रांट जारी की है। ऐसे में अब जल्द राज्य के प्राइमरी स्कूलों की तस्वीर बदलेगी।

स्टार प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूल चाहे वे शहर के नजदीक हों या दूर दराज क्षेत्र में, इनमें सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हिमाचल को आठ करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है, जिस पर शिक्षा विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है।

इसमें सभी स्कूलों से शिक्षा विभाग ने डाटा मांगा है कि किस स्कूल में किस स्तर के विकास की जरूरत है। इसमें निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को सुविधाएं दी जाएंगी। प्रोजेक्ट के तहत प्री-प्राइमरी स्कूलों को मजबूत किया जाएगा।

स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा पर जोर देते हुए अधिक से अधिक कम्प्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक किया जाएगा।

इसके अलावा शिक्षक ट्रेनिंग में भी बदलाव किया जाएगा। एमआईएस पोर्टल पर डाटा एकत्र करने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट के तहत जारी हुई राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र देने के बाद ही अगली किस्त जमा होगी। यह प्रोजेक्ट प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा देने में बहुत मददगार साबित होगा।

छह साल के लिए 600 करोड़ प्रस्तावित

विश्व बैंक पोषित इस स्टार प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल को अगले छह सालों तक 600 करोड़ मिलना प्रस्तावित है। यानि हर साल 100-100 करोड़ की ग्रांट हिमाचल को मिलेगी।

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