Latest Posts

कोरोना: सीएम जयराम बोले- पांच से अधिक कोरोना केस आने पर क्षेत्र को घोषित करें मिनी कंटेनमेंट जोन

Inauguration of Dharamshala ropeway

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आने वाले बाहरी राज्यों के पर्यटकों पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई जाएगी ताकि प्रदेश का सबसे बड़ा पर्यटन कारोबार एक बार फिर से प्रभावित न हो सके।

उन्होंने धर्मशाला पुलिस ग्राउंड में मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। गत वर्ष देश में कोरोना फैलने के कारण राज्य को नुकसान उठाना पड़ा है।

कोरोना
कोरोना

इस वर्ष भी, कोविड-19 के दोबारा फैलने से पर्यटन सीजन प्रभावित हो सकता है। इसलिए हिमाचल में आने वाले किसी भी पर्यटक को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पर्यटकों व होटल व्यवसायियों समेत सभी प्रदेश वासी मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करें। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कांगड़ा और चंबा जिले में कोरोना संक्रमण में हुई बढ़ोतरी पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्थानीय स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों को कोरोना के पांच से अधिक मामले वाले क्षेत्रों को मिनी कंटेनमेंट जोन घोषित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों जिलों में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ रही है और होम आइसोलेशन के तहत मरीजों की नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए।

कोरोना
कोरोना

उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन किया जाना चाहिए और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उन्हें थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर और दवाइयां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।

नए रोगियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, टांडा मेडिकल कॉलेज में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर में मृत्यु दर अत्यधिक चिंताजनक है जिसमें युवाओं की भी मृत्यु हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रों को ध्यान में रखते हुए मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने वाले सभी भक्तों को भीड़-भाड़ से बचना चाहिए और अधिकारियों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

कोरोना
कोरोना

राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के तहत कोरोना की उच्च संख्या वाले सात राज्यों के लोगों के राज्य में प्रवेश के लिए किसी भी आईसीएमआर केंद्र द्वारा मान्य निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जो 72 घंटों से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

error: Content is protected !!