चिट्टा बेचने का आरोपी कांस्टेबल बर्खास्त, एसपी दिवाकर शर्मा की बड़ी कार्रवाई

कांगड़ा जिला के डरोह ट्रेनिंग सेंटर के लिए स्थानांतरित बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने अपना कार्यभार छोड़ने से पहले बड़ी कार्रवाई की है। हेरोइन (चिट्टा) बरामद होने के चलते विभागीय जांच पूरी होने पर दोषी पाए गए कांस्टेबल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। बुधवार को ही एसपी की ओर से कांस्टेबल की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं।

इस वर्ष राज्यस्तरीय नलवाड़ी मेले में 22 मार्च को बिलासपुर पुलिस में कार्यरत कांस्टेबल एक नाबालिग युवक को चिट्टा बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। कांस्टेबल को पुलिस ने लुहणू में पकड़ा था। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाते हुए कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया था।

इसके साथ ही विभागीय जांच भी बिठा दी थी। निलंबन के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई और इसी बीच कांस्टेबल की निशानदेही के आधार पर एएसपी अमित शर्मा की अगवाई में पुलिस टीम ने शहर के डियारा सेक्टर में आरिफ नामक एक युवक के घर पर छापामारी की और इस दौरान 2.85 लाख रुपए की नकद राशि, 0.33 ग्राम अफीम और 1.56 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया।

 पुलिस ने इस सामग्री के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आरिफ से ही कांस्टेबल ने चिट्टा खरीदा था। ताजा स्थिति में कांस्टेबल के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पूरी हो गई है और विभागीय जांच रिपोर्ट में कांस्टेबल को दोषी पाया गया है, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने कांस्टेबल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

डीएसपी (मुख्यालय) बिलासपुर राजकुमार ने बताया कि कांस्टेबल चिट्टे के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया था और विभागीय जांच में वह दोषी साबित हुआ है। इस आधार पर उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक की ओर से इस संदर्भ में आदेश जारी हो चुके हैं।

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