Lahul Spiti Zilla Parishad

लाहुल स्पीति जिला परिषद में अब कांग्रेस का कब्जा रहेगा। शिमला-कुल्लू के बाद लाहौल स्पीति तीसरा ऐसा जिला बना है जहां पर कांग्रेस पार्टी ने अपने दम पर सत्ता हासिल की है। ऐसे में शीत मरुस्थल के नाम से विश्व भर में प्रचलित लाहौल स्पीति एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

गुरुवार को लाहौल स्पीति प्रशासन ने नवनियुक्त जिला परिषद सदस्यों को बहुमत साबित कर नई जिला परिषद की कार्यकारिणी बनाने के लिए आमंत्रित किया था। ऐसे में 10 में से छह वार्डो पर जीत का झंडा गाढ़ने वाली लाहुल स्पीति कांग्रेस ने अपना बहुमत स्थापित करते हुए अनुराधा राणा को जिला परिषद अध्यक्ष बनाया है ,जबकि वार्ड नंबर 2 त्रिलोकनाथ से जीत कर आए राजेश शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया है।

लिहाजा 20 साल बाद इतिहास को दोहराते हुए लाहुल स्पीति कांग्रेस ने जिला परिषद में जीत का झंडा आखिरकार गाड़ दिया है। लाहुल स्पीति में जिला परिषद की सरदारी हासिल करने के बाद जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में जीत का जश्न मनाया, वहीं बाजारों में कार्यकर्ताओं द्वारा मिठाइयां भी बांटी गई।

Lahul Spiti Zilla Parishad
Lahul Spiti Zilla Parishad

यही नहीं नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ नवनियुक्त जिला परिषद सदस्यों ने लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर की मौजूदगी में जिला मुख्यालय में एक विजय जुलूस भी निकाला, जो जिला परिषद भवन से लेकर कांग्रेस पार्टी के कार्यालय तक चला। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।

 

 

इस अवसर पर मौजूद पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि वह सबसे पहले नवनियुक्त जिला परिषद के अध्यक्ष अनुराधा राणा व उपाध्यक्ष राजेश शर्मा सहित अन्य सभी नवनियुक्त जिला परिषद सदस्यों को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि लाहौल स्पीति कांग्रेस ने जिला में 20 साल बाद एक बार फिर इतिहास को दौहराया है और आज जिला परिषद में कांग्रेस के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ-साथ अधिक संख्या में कांग्रेस के सदस्य चुन कर आए हैं।

 

नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष व समस्त नई टीम से उन्होंने आग्रह किया है कि जनता की सेवा के लिए समर्थन भाव से सभी काम करें, ताकि क्षेत्र का विकास तेज गति से हो सके। ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस के जिला परिषद में बहुमत होने के बावजूद भी भाजपा के नेताओं ने सत्ता व अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए जिला परिषद के गठन को टालने का हर संभव प्रयास किया।

 

11 अक्तूबर को जहां शपथ ग्रहण समारोह परिषद के सदस्यों के लिए रखा गया था, 21 अक्तूबर को प्रशासन द्वारा भाजपा और कांग्रेस के जीते हुए सदस्यों को बहुमत साबित करने के लिए बैठक के तौर पर बुलाया गया था।

21 अक्तूबर को भी कांग्रेस के पूरे सदस्य प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में मौजूद रहे बावजूद उसके कोरम पूरा न होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस बैठक को 28 तारीख में दोबारा करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार यह प्रयास किए जा रहे थे कि किसी न किसी तरह जिला परिषद की नई टीम का गठन रोका जा सके। प्रशासन से जब उन्होंने सख्ती से बात की और नियमों का हवाला देते हुए कहा कि 28 तारीख को बुलाई गई बैठक में कांग्रेस अपना बहुमत हर बार की तरह साबित कर रही है अगर इस बार प्रशासन ने नए जिला परिषद का गठन नहीं किया तो कांग्रेस इस मामले की पूरी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेगी।

 

उन्होंने कहा कि नियमों के तहत गुरुवार को लाहुल स्पीति में  जिला परिषद का गठन आखिरकार कर लिया गया और उन्हें इस बात की खुशी है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां जीत का झंडा गाढ़ा है।

 

 

इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञालसन ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष नोरबू बोध,पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र करपा,महिला अध्यक्ष शशि किरण,प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के संयोजक एव जिला प्रवक्ता अनिल सहगल,उदयपुर ब्लॉक अध्यक्ष सशील,केलांग ब्लॉक अध्यक्ष रमेश कुमार,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष नोरबू पांस,डीसीसी महा सचिव नोरबू थोलॉकपा,संजय कटोच सहित अन्य पाटी कार्यकर्ता मौजुद रहे और सभी ने जिला परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी है।

6 साल के लिए निष्कासित कार्यकर्ताओं को वापिस नही लेगी भाजपा : कश्यप

भाजपा सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरी तरह फेल : कांग्रेस

error: Content is protected !!