केंद्र सरकार की तर्ज पर अब प्रदेश में भी भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमैंट या यूं कहें जबरन रिटायरमैंट देनी शुरू हो गई है। डीसी सोलन ने नालागढ़ के एक फील्ड कानूनगो को एक भ्रष्टाचार के मामले की जांच में दोषी पाए जाने पर अनिवार्य रिटायरमैंट दे दी है।

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राजस्व विभाग में इस तरह की रिटायरमैंट देने का पहला मामला है। कानूनगो ने पटवारी रहते हुए करीब 7 वर्ष पूर्व जारी की गई जमीन की जमाबंदी में 70 लाख रुपए के मॉर्गेज लोन की एंट्री नहीं की थी, इस कारण भूमि मालिक ने उसी जमीन पर दूसरे बैंक से करीब 35 लाख रुपए का लोन ले लिया।

इस मामले का खुलासा वर्ष, 2016 में हुआ था। उस समय तत्कालीन एसडीएम ऋषिकेश मीणा द्वारा की गई प्रारम्भिक जांच में फील्ड कानूनगो की भूमिका पर सवाल ही नहीं खड़े हुए थे बल्कि उनकी कथित लापरवाही के कारण 2 बैकों को करीब 1.05 करोड़ रुपए का चूना लगा था।

इस मामले को लेकर करीब 5 सालों तक चली जांच के बाद डीसी सोलन ने फील्ड कानूनगो को अनिवार्य रिटायरमैंट की कार्रवाई की है। इसके बाद उन्हें फरवरी माह के बीच में ही नौकरी से रिटायर कर दिया।

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