कोरोना नियमों के साथ प्रदेश भर में ग्राम सभाओं के आयोजन को मंजूरी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर में कोरोना संकट काल के चलते ग्राम सभाओं के आयोजन पर लगी रोक को हटा दिया है। अब प्रदेश की पंचायतों में कोविड नियमों की अनुपालना के साथ ग्राम सभाओं की बैठकों का आयोजन किया जा सकेगा। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर के घातक होते ही राज्य सरकार ने ग्राम सभाओं की बैठकों पर पूर्णतया पाबंदी लगा थी, जिस कारण प्रदेश में अप्रैल माह के अंदर ग्राम सभाओं की बैठकों को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया था।

ग्राम सभाओं की बैठकें न होने के कारण बी.पी.एल. सूचियों की समीक्षा अभी तक लंबित है। अपात्र परिवारों को बी.पी.एल. सूचियों से हटाया जा सकेगा तथा अब पात्र परिवारों को बी.पी.एल. सूचियों में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। ग्राम सभा बैठकों में पात्र लोगों का चयन सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के तहत करने को मंजूरी मिल गई है। ग्राम पंचायतें चालू वित्त वर्ष के बजट के अनुमोदन के अलावा अन्य लंबित एजैंडे को ग्राम सभाओं के समक्ष रख सकेंगी।

 

ग्राम सभाओं पर लगी रोक के कारण पंचायतों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा न होने के कारण विकास कार्य प्रभावित भी हुए हैं। पंचायती राज विभाग के निदेशक ऋग्वेद ठाकुर ने इस संदर्भ में प्रदेश के समस्त उपायुक्तों, जिला पंचायत तथा विकास खण्ड  अधिकारियों को ग्राम सभाओं से संबंधित नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग अब जल्द ही ग्राम सभाओं के आयोजन की तिथि की घोषणा करेगा।

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