बिक गए Ambuja ACC सीमेंट, अदानी ने होलसिम के 23 सीमेंट प्लांट्स 82000 करोड़ में खरीदे

हिमाचल में स्थापित दो नामी सीमेंट कंपनियों अंबुजा व एसीसी सहित होलसिम के 23 सीमेंट प्लांट्स को अदानी ग्रुप ने 82000 करोड़ रुपए (10.5 बिलियन डालर) में अधिगृहित कर लिया है। भारत वर्ष में आधारभूत संरचना क्षेत्र में अब तक की यह सबसे बड़ी डील है। हिमाचल सहित देशभर में अब स्विट्जरलैंड की कंपनी होलसिम ने अपना कारोबार समेट लिया है तथा अब अदानी ग्रुप का इस पर स्वामित्व हो गया है।

गौरतलब है कि दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट कंपनी व बरमाणा में एसीसी कंपनी पर स्विट्जरलैंड की कंपनी होलसिम का कब्जा था तथा पूरे देश में कुल 23 सीमेंट प्लांट, 14 ग्राइंडिंग स्टेशन, 80 तैयार मिक्स कंकरीट प्लांट तथा 50 हजार चैनल पार्टनर के माध्यम से प्रतिवर्ष 70 मिलियन टन (एमटीपीए) सीमेंट का उत्पादन होता था।


होलसिम की अंबुजा में 63.19 प्रतिशत व एसीसी में 54.53 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, जिसे अब अदानी ग्रुप ने रविवार को ही करीब 82 हजार करोड़ रुपए में खरीद लिया है। अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी व होलसिम सीईओ जेन जैनिख ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के बाद अदानी ग्रुप सीमेंट के कारोबार में देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। पहले स्थान पर बिरला ग्रुप की अल्ट्राटेक कंपनी का कब्जा है तथा अल्ट्राटेक के पास प्रतिवर्ष 117 मिलियन टन सीमेंट उत्पादन करने की क्षमता है।

Ambuja ACC cements
Ambuja ACC Cement sold out; Adani bought 23 cement plants of Holcim for 82000 crores

अदानी ग्रुप द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार भारत वर्ष में प्रति व्यक्ति सीमेंट इस्तेमाल करने की औसतन क्षमता 240 किलोग्राम है, जबकि विश्व भर में परकैपिटा कंसप्शन 525 किलोग्राम है। इसी के मद्देनजर अब अदानी ग्रुप ने सीमेंट कारोबार में कदम रखा, ताकि मांग व आपूर्ति का संतुलन बनाने की कोशिश की जाए। बहरहाल, हिमाचल में दोनों प्रमुख सीमेंट प्लांट पर अदानी ग्रुप के स्वामित्व के बाद अब प्रबंधक वर्ग की क्या रणनीति रहती है इस पर सभी की नजरें टिक गई हैं।


हिमाचल में वर्तमान में एसीसी और अंबुजा के अलावा सोलन के बागा में अल्ट्राटेक का सीमेंट प्लांट है और पांवटा साहिब के राजबन में सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ  इंडिया का सीमेंट उद्योग है। इसके अलावा कुछ सीमेंट उद्योग आबंटन की स्टेज पर हैं और कुछ पहले से आबंटित हैं, लेकिन अभी ये प्रोडक्शन में नहीं हैं।

राज्य के दो बड़े सीमेंट उद्योगों को लेकर हुए इस सौदे के बाद सरकार के रेवेन्यू या सीमेंट की उत्पादकता पर क्या असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। इसके साथ ही सीमेंट के दाम करने के लिए सरकार अदानी ग्रुप पर कितना दबाव डाल पाती है, यह भी देखने वाली बात होगी। 

NPS कर्मचारियों का बैठक में बड़ा ऐलान, परिवार के साथ मिलकर मांगेंगे पेंशन

Follow Facebook Page

 

error: Content is protected !!