Latest Himachal Pradesh News in Hindi, हिमाचल न्यूज़

Latest Himachal Pradesh News

21 जनवरी से पहले होगा नई पंचायतों का गठन, प्रदेश सरकार पर पड़ेगा आर्थिक बोझ,

(Latest Himachal Pradesh News)

पंचायती राज ने राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों को करवाने को लेकर पूरी तरह से तैयारियां पूरी कर ली है। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि चुनाव आयोग की और चुनावों को करवाने के लिए जो तारिख घोषित की जाएगी, उस दिन चुनाव करवा दिए जाएंगे। नई पंचायतों के बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। वार्ड बंदी का काम इस समय चला हुआ है। जैसे ही ये काम समाप्त हो जाएगा।

इसके बाद नई वोटर लिस्ट जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग अभी तक 404 नई पंचायतों का गठन किया गया है। मंत्री ने कहा कि 21 जनवरी से पहले प्रदेश में पंचायतों का गठन किया जाएगा। पंचायती राज इसके लिए अपनी तैयारियां पूरी कर चुका है। मंत्री ने कहा कि नई पंचायतों के गठन से सरकार पर आर्थिक बोझ भी पड़ेगा, लेकिन लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इन पंचायतों का बनाया जाना जरूरी था।

ऐसे में नई पंचायतों का गठन किया गया है। अनौपचारिक बातचीत में मंत्री ने कहा कि राज्य में कई पंचायतें काफी बड़ी है और इनका क्षेत्रफल भी काफी ज्यादा है। ऐसे में लोगों को अपने विकास कार्य करवाने के लिए मिलो दूर आना पड़ता है। जिससे उनका समय व धन दोनों बर्बाद होता है। जबकि विकास कार्य भी बाधित होते हैं।

ऐसे में सरकार का मुख्य काम ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को ज्यादा से ज्यादा महत्व देना है, ताकि ग्रामीण इलाके विकसित हो सके। ऐसे में इन पंचायतों के गठन को लेकर सोचा गया है। मंत्री ने कहा कि बड़ी पंचायतें विकास में बाधा बन रही थी। सही तरीके से काम नहीं हो पा रहे थे। ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 21 जनवरी से पहले पंचायतों के गठन का है, इसे पूरा भी कर लिया जाएगा।

 

देशी गाय के दूध की ब्रांडिग करेगी सरकार, प्राकृतिक उपज को मुहैया करवाएगी मार्केट

Latest Himachal Pradesh News

प्रदेश सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए अब देशी गाय के दूध की ब्रांडिग करने जा रही है। इसके लिए पशुपालन विभाग की और से काम शुरू कर दिया गया है। पशु पालन एवं कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार प्राकृतिक तौर पर तैयार किए गए प्रोडेक्ट को भी बड़ी मंडियों में मार्केट चैन मुहैया करवाएगी। राज्य के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार की और से इस साल एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है, ताकि राज्य में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि कई जगहोंं पर किसान केमिकल का प्रयोग अपने खेतों में जरा भी नहीं करते, लेकिन बावजूद इसके उन्हें अपनी उपज के दाम सही नहीं मिल पाते।

पंजाब, हरियाणा से हिमाचल आने वाली केमिकल युक्त सब्जियों के दाम के बराबर ही आर्गेनिक सब्जियों के दाम होते हैं, जिससे किसानों को लाभ नहीं मिल पाता। अब सरकार ने ऐसे किसानों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू की है। अनलॉक-2 के बाद से ही इन योजनाओं पर कार्य करना शुरू कर दिया गया था। इसमें अब सरकार प्राकृतिक रूप से तैयार की जाने वाले सेब, अन्य फलों समेत सब्जियों के लिए अलग से ब्रांडिग करेगी, लेकिन इससे पहले इन्हें सर्टिफाइड किया जाएगा, ताकि ये सुनिश्चित हो सके ही ये सब प्राकृतिक है या नहीं।

इसके बाद इन सभी उत्पादों को बाजार में उतारने के लिए मार्केट चैन मुहैया करवाएगी, ताकि इन प्राकृतिक तौर पर तैयार उत्पादों के दाम अगल तय किए जा सकें और किसानों की आर्थिकी भी मजबूत हो सकें। पशुपालन एवं कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सरकार की और से योजनाएं शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि देशी गाय के दूध की सरकार ब्रांडिग करेगी, इस दूध का दाम भी बाजार में अलग होगा। इसके अलावा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों को भी मार्केट चेन मुहैया करवाई जाएगी।

 

टाहलीवाल में गद्दा उद्योग सीज, करोड़ों की हेराफेरी करने पर कार्रवाई

 

औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में आबकारी विभाग द्वारा एक उद्योग पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी को बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा करीब एक करोड़ से अधिक का जुर्माना न भरने के कारण एक गद्दा बनाने वाले उद्योग के खिलाफ आबकारी एवं कराधान विभाग ने जीएसटी नियमों के तहत कारवाई कार्रवाई शुरू की है। जानकरी के अनुसार गद्दे बनाने वाले इस उद्योग में करीब दो करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी के तहत ई-वे बिल तो काटे गए, परंतु उन्हें रिटर्न में नहीं दर्शाया गया।

विभाग द्वारा इस पर कार्रवाई करते हुए बताया कि इस रिटर्न में जो टैक्स की अदायगी की जानी चाहिए थी, वह नहीं की गई। आबकारी एवं कराधान विभाग के मध्य क्षेत्र के ज्वाइंट कमिशनर राकेश भारतीय की अगवाई में कार्रवाई की गई। उद्योग को एक करोड़ 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया और एक महीने की अवधि के भीतर टैक्स अदा करने के निर्देश दिए गए।

एक महीने की तय अवधि के बाद भी जुर्माना राशि न आने पर अब विभाग ने उद्योग को सीज करने की कार्रवाई आरंभ कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए विभाग के ज्वाइंट कमिशनर राकेश भारतीय ने बताया कि उद्योग ने दो करोड़ 77 लाख रुपए के ई-वे बिलों को नहीं दर्शाया था और इसकी रिटर्न भरी।

इस पर उद्योग को ब्याज और जुर्माने सहित कुल एक करोड़ 12 लाख रुपए भरने का नोटिस दिया गया था, लेकिन इसकी अदायगी एक महीने बाद भी न होने से अब उद्योग को सीज करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है ।

 

कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन में कूदे पूर्व मंत्री राजन सुशांत, ओल्ड पेंशन बहाल करवाने को दिया धरना,

 

 

पूर्व मंत्री राजन सुशांत ने आज पालमपुर मिनी सचिवालय के बाहर न्यू पेंशन स्कीम के कर्मचारियों के साथ धरना दिया और उनकी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग उठाई। धरने पर बैठे कर्मचारियों से राजन सुशांत ने कहा कि एक लाख प्रदेश के कर्मचारियों का हित उनके लिए सर्वोपरि है। इस मुद्दे को लेकर कुछ कर्मचारी नेता काली भेड़ों की भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने कई विभागों में आउटसोर्स के जरिए भर्ती की है, उसके साथ ही ठेकेदारी प्रथा के प्रचलन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर न्यू पेंशन स्कीम के कर्मचारियों का पूरा साथ देंगे।

 

विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार निकले कोरोना पॉजिटिव

विपिन परमार

अटल टनल रोहतांग के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले नेताओं के कोरोना पॉजिटिव आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी कड़ी के तहत मुखयमंत्री जयराम ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

हालांकि संतोष की बात यह है कि विपिन सिंह परमार ने रोहतांग दौरे के दौरान अपना कोरोना टैस्ट करवाया था, जिसमें उनकी रिपोर्ट नैगेटिव आई थी।

इसके बाद जब गत 11 अक्तूबर को विधानसभा अध्यक्ष के पीएसओ कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो उन्होंने फिर से बुधवार को दोपहर बाद 3 बजे अपना टैस्ट करवाया, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटीव आई है। जिस दिन उनके पीएसओ की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, उस दिन वह अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर गए थे। 13 अक्तूबर को उन्हें लक्षण दिखाई दिए,

जिसके चलते उन्होंने टैस्ट करवाने का निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि रोहतांग दौरे के दौरान वह प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह में अन्य नेताओं के साथ खड़े थे।

रोहड़ू में ध्वस्त पुल का मामला, XEN, SDO और JE होंगे चार्जशीट,

Latest Himachal Pradesh News

पीडब्ल्यूडी के 3 इंजीनियरों को सरकार चार्जशीट करने की तैयारी में है। रोहड़ू में तकरीबन 20 करोड़ से बन रहे पुल के तैयार होने से पहले ही गिरने के मामले की विभागीय जांच में इंजीनियरों और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पता चला है कि पुल निर्माण के वक्त सुपरवाइजरी लैप्सिस (पर्यवेक्षी चूक) के साथ-साथ घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल की गई।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के क्वारंटाइन से लौटते ही उनकी मंजूरी के बाद सस्पैंड चल रहे पूर्व अधिशासी अभियंता रोहड़ू, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को चार्जशीट किया जाएगा।

प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी की अध्यक्षता में हुई बैठक में चीफ इंजीनियर स्टेट रोड प्रोजैक्ट के नेतृत्व वाली जांच कमेटी द्वारा सरकार को सौंपी रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद तीनों इंजीनियरों के खिलाफ कंडक्ट रूल्स के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसमें तीनों इंजीनियरों की सस्पैंशन (निलंबन) अवधि को भी एक माह और बढ़ाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय की देख-रेख में चल रहा क्वालिटी कंट्रोल सैल भी 18 मई को अपनी जांच पूरी करके मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सौंप चुका है। उसी के आधार पर मई के तीसरे सप्ताह में तीनों इंजीनियरों को सस्पैंड किया गया।

अब इन्हें चार्जशीट करने का फैसला विभागीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जांच कमेटी द्वारा मौके से लिए गए निर्माण सामग्री के सैंपल मापदंडों पर खरे नहीं उतर पाए। निम्र स्तर की निर्माण सामग्री के साथ-साथ विभागीय इंजीनियरों ने भी पुल के निर्माण के दौरान निरीक्षण में कोताही बरती है। इससे सरकार को 20 करोड़ का चूना लगा है और अब नए सिरे से पुल बनाने के लिए इतनी ही राशि और खर्च करनी पड़ेगी। वहीं स्थानीय लोगों को भी समय पर इस पुल का लाभ नहीं मिल पाएगा।

पब्बर नदी पर 13 मई को गिरा था पुल

इसी साल 13 मई को रोहड़ू में पब्बर नदी पर बखिरना पुल दोपहर 2.30 बजे भरभराकर गिर गया था। एक साल से अधिक समय से इसका काम चला हुआ था। इसका काम आखिरी चरण में था। इससे पहले कि करीब 76 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार होता, इसका तकरीबन 60 मीटर भाग बरसात शुरू होने से पहले ही गिर गया। इसका निर्माण पंचकूला की वीकेजी कंपनी द्वारा किया जा रहा था। अब कंपनी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है।

मानव भारती के फर्जी डिग्री कांड की SIT जांच पर खुलासा करे सरकार : राजेंद्र राणा

Latest Himachal Pradesh News

मानव भारती विश्वविद्यालय सोलन के फर्जी डिग्री कांड की जांच में लगातार हिचकिचा रही प्रदेश सरकार से जनता जानना चाहती है कि आखिर इस फर्जीकांड की जांच से सरकार को डर क्यों लग रहा है। सरकार किसके दबाव व प्रभाव में अब तक इस जांच को लटकाती आ रही है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रैस बयान में कही है। उन्होंने कहा है कि जब अब बड़ी मुश्किल से सरकार ने विपक्ष के दबाव में एसआईटी गठित कर दी है तो एक महीने बाद एसआईटी की जांच का क्या हुआ। उसका खुलासा करने से सरकार क्यों कतरा रही है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब यह मामला उठा जिससे प्रदेश भर में सरकार की फजीहत हुई। तब जाकर सरकार ने इस मामले में एसआईटी गठित की। एसआईटी गठित किए हुए सरकार को करीब एक महीना बीत चुका है। ऐसे में अब प्रदेश की जनता उस जांच के नतीजे को जानना चाह रही है कि आखिर वर्षों तक लटकती आ रही जांच का क्या हुआ है। उन्होंने कहा कि मानव भारती यूनिवर्सिटी में लाखों फर्जी डिग्रियां बेचे जाने से लाखों लोगों का भविष्य दांव पर लगा है। वहीं दूसरी ओर हिमाचल की धरती की देवभूमि छवि दुनिया भर में धूमिल हुई है क्योंकि फर्जी डिग्री कांड के सरगना ने देश के युवाओं को ही नहीं विदेशों में जाकर भी लोगों को ठगा है। विधानसभा में एक-एक तथ्य व सबूतों सहित यह मामला मैंने लगातार उठाया है। बावजूद इसके सरकार इस जांच से लगातार कन्नी काट रही है व लगातार इस भ्रष्टाचार के गंभीर मामले को लटकाती आ रही है।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि किसी के दबाव और प्रभाव में सरकार इस मामले को दबाना व छिपाना चाहती है। लग रहा है कि सरकार इस मामले में बड़ी मछलियों को ही नहीं मगरमच्छों को भी बचाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सुबूत, तथ्य व चर्चाएं बताती हैं कि इस मामले की जांच की जद में प्रदेश के कुछ ऐसे घाघ आ सकते हैं जिनका नाता व वास्ता सत्तासीन सरकार से है। बीजेपी के नेताओं के शिक्षा व यूनिवर्सिटियों को लेकर आ रहे बयान स्पष्ट करते हैं कि मामला सैंट्रल यूनिवर्सिटी के स्थायी परिसर का हो, एनआईटी हमीरपुर का हो या फिर आईआईएम नाहन का हो या फिर मेडिकल कॉलेजों व स्वास्थ्य विभाग में चले आ रहे बेखौफ भ्रष्टाचार का हो। बीजेपी इस पर लगातार राजनीति कर रही है।

सत्ता के संरक्षण में शिक्षा व स्वास्थ्य से लगातार खिलवाड़ करते हुए दलालों के दबाव व प्रभाव में सत्ता में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप में बैठे हुए लोगों ने हाथ रंगे हैं, जिस कारण से सरकार खौफजदा है कि इस मामले का खुलासा होते ही बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली सरकार व सत्ता का चेहरा जनता के सामने आ जाएगा। राणा ने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति प्रदेश की जनता हो रहे खिलवाड़ को भलीभांति देख व समझ रही है। जिसका जवाब प्रदेश की जनता बीजेपी की सत्ता को समय आने पर देगी।

घर की तीसरी मंजिल में अचानक भड़की आग, 2 लाख का नुक्सान

Latest Himachal Pradesh News

चम्बा शहर के सुल्तानपुर वार्ड के माई का बाग मोहल्ले में एक मकान की तीसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। इससे यहां पर रखा सामान जलकर राख हो गया। घटना में करीब 2 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। गनीमत यह रही कि समय रहते आग को काबू कर लिया, नहीं तो पूरा मकान और आसपास के घर भी आग की चपेट में आ सकते थे। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।

जानकारी के अनुसार बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे जयदेव पुत्र प्रभदयाल, निर्मला देवी और राजेश के मकान की तीसरी मंजिल पर रसोईघर व कमरे में अचानक आग लग गई। जब परिवार के सदस्यों ने शोर मचाया तो उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग को बुझाने में जुट गए लेकिन लकड़ी से बने रसोईघर व कमरे में आग की लपटें फैल गईं और देखते ही देखते आग बेकाबू हो गई। इससे अंदर रखा सामान जलकर राख हो गया।

वहीं आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 2 गाडिय़ां व कर्मचारी घटनास्थल की ओर रवाना हुए लेकिन घर तक सड़क सुविधा न होने के कारण फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सका। विभागीय कर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से आग पर काबू पाया।

फायर ऑफिसर राजेंद्र चौधरी ने बताया कि आग की इस घटना में करीब 2 लाख रुपए का नुक्सान होने का अनुमान है। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। उधर, एसडीएम चम्बा शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि आग के कारणों की जांच की जा रही है। आग से हुए नुक्सान का आकलन करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

पांगी में ऐतिहासिक तीन दिवसीय फूलयात्रा शुरू

Latest Himachal Pradesh News

कबायली क्षेत्र पांगी घाटी में तीन दिवसीय फूलयात्रा आज शुरू हुई। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए फूलयात्रा का आयोजन किया गया। यह मेला जहां आपसी भाईचारे के लिए प्रसिद्ध है वहीं ग्रीष्म ऋतु के समापन और सर्दियों का आवगमन का प्रतीक भी माना जाता है।

पांगी घाटी में फसलों का काम पूरा होने और शरद ऋतु के आगमन पर सुख-समृद्धि की कामना के लिए हर वर्ष अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह में फूल यात्रा मेले का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर करयास, सेरी फटवास, करेल गांव से लोग पारंपरिक परिधान में सज धजकर वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच कूफा गांव तक जाते हैं तथा वहां पूजा पाठ करते हैं।

तीन दिन तक की इस यात्रा में लोग एक-दूसरे को सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लोग सर्दियों से बचने के लिए गर्म वस्त्रों को खरीदते हैं। क्योंकि यहां बर्फबारी के बाद छह से सात माह तक पांगी मुख्यालय का संपर्क दुनिया से कटा रहता है। इस दौरान केवल हवाई यात्रा से ही पांगी तक पहुंचा जा सकता है। वहीं फूल यात्रा के बारे में एक अन्य मान्यता यह है कि तीन दिनों तक लोग आटा पिसवाने के लिए घराट में नहीं जाते हैं, जो अपशगुन माना जाता है। वहीं साच पास को आरपार नहीं करते हैं।

 

फर्जी डिग्री मामला: एसआइटी ने जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और मध्यप्रदेश में दी दबिश, पढ़ें पूरा मामला

 

फर्जी डिग्री घोटाले में सीआइडी की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) ने तीन राज्यों में दस्तक दी है। इसमें जम्मू- कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों में डिग्रियों की गहन जांच शुरू हो गई है। जांच टीम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्र सरकार के आयकर विभाग के अधिकारी भी हैं। असल में ईडी, आयकर को भी एसआइटी का ही हिस्सा बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार अलग-अलग जांच टीमें संदिग्ध आरोपितों से पूछताछ कर रही हैं। कई जगह पर दबिश दी जा रही हैं। घोटाले की तह तक जांच होगी। पहले चरण के तहत कुछ और राज्य भी जांच की जद में आएंगे।

हालांकि चरणबद्व तरीके से इनमें देशभर के 25 से अधिक राज्य आएंगे। इस केस में जल्द ही कईयों की गिरफ्तारियां होंगी। एसआइटी के मुखिया एडीजीपी सीआइडी एन वेणुगोपाल हैं। उनकी अगुवाई में ही प्रगति कार्य की लगातार समीक्षा हो रही है। पूरे मामले पर डीजीपी की भी पैनी नजर लगी हुई है। उनके आदेश पर ही एसआइटी गठित की गई है।

 

सीएम ने दिए हैं सीआइडी जांच के आदेश

फर्जी डिग्री मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीआइडी जांच के आदेश दिए हैं। डिग्रियों का मुद्दा मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने उठाया था। इनके जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा था कि सरकार फर्जी डिग्री घोटाले की तह तक जांच करेगी। पुुलिस की एसआइटी कई आरोपितों का गिरफ्तार कर चुकी है।

अंतरराज्यीय बस सेवा बहाली का लोगों में उत्साह, 35 और रूट बढ़ाए, ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू

Latest Himachal Pradesh News

 

कोरोना काल के बीच सात माह बाद हिमाचल से इंटर स्टेट बस सेवा बुधवार को बहाल हो गई। 25 रूटों पर शुरू हुई इस सेवा को लेकर यात्रियों में अच्छा-खासा उत्साह देखा गया। पहले दिन बाहरी राज्यों के लिए भेजी गईं बसों में 70 से 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही। चंडीगढ़ समेत अन्य कई रूटों में निगम की बसें पैक होकर भी गईं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय एसओपी का पालन करते हुए लोगों ने यात्रा की।

पहले चरण में प्रदेश में एचआरटीसी के 25 रूटों पर इंटर स्टेट बस सेवा शुरू की। यात्रियों के रिस्पांस को देखते हुए निगम ने वीरवार से और 35 अंतरराज्यीय रूटों पर बसें दौड़ाने का फैसला ले लिया है। पंजाब और चंडीगढ़ से भी 4 बसें शिमला पहुंचीं। राजधानी शिमला से बाहरी राज्यों के लिए बुधवार को 19 बसों का संचालन किया गया। सुबह 6:20 बजे रवाना हुई पहली बस में आईएसबीटी शिमला से 35 सवारियां चंडीगढ़ रवाना हुईं।

शिमला से चंडीगढ़ के लिए बुधवार शाम 6:20 बजे आखिरी बस रवाना की गई। रामपुर और रिकांगपिओ डिपो से 1-1 बस को चंडीगढ़ रूट पर भेजा गया। रामपुर डिपो की सराहन-चंडीगढ़ रूट की 47 सीटर बस में 37 यात्री सवार थे। उधर, जिला कांगड़ा से 13 रूटों पर निगम ने बस सेवा बहाल की। सभी बसें 100 फीसदी पैक थीं। हालांकि, सोलन में कुछ इंटर स्टेट बसों में यात्री कम रहे। ऊना से शिमला के लिए सुपर फास्ट बस सेवा वीरवार सुबह पांच बजे से शुरू होगी।

चंबा, सिरमौर और हमीरपुर जिलों से इंटर स्टेट बस सेवा बुधवार को बहाल नहीं हुई। हमीरपुर से चार इंटर स्टेट रूट वीरवार को बहाल हो जाएंगे। मंडी जिले से पांच और कुल्लू डिपो से चार इंटर स्टेट रूटों पर बसों का संचालन शुरू होगा।

निगम की अंतरराज्जीय बस सेवा के लिए वीरवार से यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलेगी। बुधवार को इन बसों में बुकिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल नहीं खोला था। इसके चलते कई सवारियां बसों में सीट मिलने के लिए असमंजस की स्थिति में थीं। आरएम धर्मशाला डिपो पंकज चड्ढा ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वीरवार से इन बसों में ऑनलाइन बुकिंग शुरू करेगा।

दिल्ली के बाद अब हिमाचल के लिए रोडवेज सेवा शुरू करने की अनुमति मिल गई है। उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर पूर्व में निर्धारित समयसारिणी के अनुसार बसों को संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जैन ने कहा है कि शिमला, धर्मशाला, मनाली, पांवटा-साहिब से संबंधित बस सेवाओं को संचालित किया जाएगा। ब्यूरो

बाहरी राज्यों के लिए इन रूटों पर दौड़ेंगी और बसें

शिमला-हरिद्वार 5:15 सुबह
सराहन-हरिद्वार 10:00 सुबह
मनाली-हरिद्वार 2:30 दोपहर
रिकांगपिओ-हरिद्वार 6:00 सुबह
जुब्बल-हरिद्वार 5:15 सुबह
मंडी-हरिद्वार 5:15 सुबह
शिमला-हरिद्वार 8:40 सुबह
चंबा-हरिद्वार 2:30 दोपहर
करसोग-हरिद्वार 11:30 सुबह
रोहड़ू-हरिद्वार 5:00 सुबह
मढ़ी-हरिद्वार 0000
मनाली- चंडीगढ 9:00 सुबह
केलांग- चंडीगढ़ 4:30 सुबह
नालागढ़-अंबाला 9:30 सुबह
ऊना- होशियारपुर 2:20 दोपहर
रामपुर-अंबाला 6:15 सुबह

धर्मशाला-होशियारपुर- कांगड़ा 9.50 सुबह धर्मशाला- जालंधर 4.30 दोपहर बाद अंबाला-बद्दी-गलोर 3.30 दोपहर बाद परवाणू-चंडीगढ-बद्दी 8.10 सुबह मेकलोडगंज-पठानकोट 11.10 सुबह द्रुबल-मंडी-नाहन-चंडीगढ़ 6.00 सुबह नाहन-धर्मशाला 5.30 सुबह शिमला -चंडीगढ-मलेरकोट 7.00 सुबह मंडी-चंडीगढ़ 6.30 सुबह सरकाघाट-चंडीगढ वाया बद्दी 1.00 दोपहर शिमला- चंडीगढ़ 8.00 सुबह मनाली-चंडीगढ़ 9.00 रात्रि सुंदरनगर-चंबा वाया पठानकोट 5.15 शाम पालमपुर-ज्यूरी-वाया चंडीगढ़ 12.00 रात्रि मनाली -चंडीगढ़ 8.20 रात्रि मनाली-जम्मू-पठानकोट 4.12 शाम चंबा-चंडीगढ-ऊना, सिसवां 8.15 रात्रि शिमला-अंबाला -शिमला 12.36 रात्रि मनाली-कटड़ा वाया पठानकोट 2.47 रात्रि बरागढ़- शिमला 3.15 रात्रि

 

हिमाचल: चिनूक करेगा दुनिया की सबसे ऊंची टनल का हवाई सर्वे

अटल टनल रोहतांग से भी साढ़े तीन किलोमीटर अधिक लंबी शिंकुला टनल के लिए हवाई सर्वे वायुसेना का सबसे अत्याधुनिक हेलीकाप्टर चिनूक करेगा। इस टनल के बनने से मनाली-कारगिल-लेह सड़क मार्ग में साल भर यातायात खुला रह सकेगा। 16600 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रा के नीचे से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे लंबी 13.5 किलोमीटर टनल होगी। अटल टनल रोहतांग समुद्र तल से 10040 फीट की ऊंचाई पर बनी है

टनल का निर्माण जल्द शुरू करने के लिए राष्ट्रीय उच्च मार्ग एवं अधोसंरचना विकास प्राधिकरण चिनूक की मदद लेगा। डेनमार्क के तीन इंजीनियर 15 अक्तूबर से चिनूक के साथ हवाई सर्वे करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस सर्वे में मैकेनिकल और भूगर्वीय विज्ञानी शिंकुला टनल के साथ लगती जंस्कर रेंज की पहाड़ी में करीब 600 मीटर गहराई तक जांच करेंगे। सर्वे से पहले चिनूक हेलीकाप्टर में करीब 500 किलो बजनी डेनमार्क का एंटीना फिट होगा। इस सर्वे को एयरबोर्न इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सर्वे कहा जाता है। सर्वे में डेनमार्क और गुजरात की एक कंपनी के इंजीनियर शामिल होंगे।

 

पढ़ाई के लिए एक वेबसाइट से जुड़ेंगे निजी, सरकारी स्कूल,

कोरोना काल में सूबे के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूल एक लिए विशेष वेबसाइट बनेगी। जिसमें सभी स्कूल आपस में जुडे़ंगे। वेबसाइट में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों का डाटा मौजूद रहेगा। ऑनलाइन शिक्षकों के साथ संवाद की व्यवस्था भी होगी। मंडी जिले में ट्रायल के तौर पर 877 सरकारी और निजी स्कूलों को इससे जोड़ा गया है। बुधवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मंडी के रिवालसर के धार में सामाजिक संचार एवं शिक्षा समिति की ओर से करवाए गए कार्यक्रम में यह जानकारी दी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि समिति की ओर से तैयार किया गया सिस्टम संस्कृत भाषा में है, इसे हैक नहीं किया जा सकता। दुनिया के विकसित देशों में मातृ भाषा पहले पढ़ाई जाती है उसके बाद अन्य भाषाएं पढ़ाई जाती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि मातृ भाषा के प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। दूसरी भाषाओं का ज्ञान भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कोरोना से बचाव बारे भी लोगों को जागरूक किया और इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को कोरोना से बचाव और सावधानियों का पालन करने बारे शपथ भी दिलाई।

शिक्षा नीति लागू करने वाला हिमाचल पहला राज्य
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति को को लागू करने वाले देश का पहला राज्य है। प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था की दिशा में भी बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं।

 

पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए शेड्यूल जारी, 10 नवंबर तक चलेगी प्रक्रिया

 

विवि ने पीजी डिग्री कोर्स में मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 को कैंपस आधारित पीजी कोर्स में क्वालीफाइंग एग्जाम की मेरिट के आधार पर प्रवेश का शेड्यूल तैयार किया है। बीएड को छोड़कर सभी पीजी कोर्स में इसी मेरिट के आधार पर प्रवेश होगा और सीटों का आवंटन किया जाएगा। अधिष्ठाता अध्ययन की ओर से जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक 20 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन फार्म में स्नातक डिग्री के प्राप्तांक अपडेट करने का मौका दिया जाएगा। 23 अक्तूबर को मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी। मेरिट के आधार पर पीजी कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया दस नवंबर तक जारी रहेगी।

पीजी कोर्स में प्रवेश का शेड्यूल

20 अक्तूबर तक छात्रों को ऑनलाइन यूजी के प्राप्तांक दर्ज करने का समय दिया जाएगा
22 अक्तूबर को आवेदकों के प्राप्तांक आधार पर हर कोर्स की मेरिट तैयार की जाएगी
23 अक्टूबर को मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी
27 और 28 अक्तूबर को ऑनलाइन काउंसलिंग होगी।
31 अक्तूबर तक प्रवेश पाने वालों को निर्धारित फीस जमा करवाने का समय दिया जाएगा।
2 नवंबर को खाली रहने वाली सीट के लिए वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी।
5 नवंबर तक वेटिंग में से सीट पाने वालों को फीस जमा करवाने का समय दिया जाएगा।
6 नवंबर को नॉन सब्सिडाइज्ड सीट के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग होगी।
10 नवंबर तक नॉन सब्सिडाइज्ड सीट पर प्रवेश पाने वालों को फीस जमा करवाने का समय दिया जाएगा।

प्रवेश परीक्षा न करवाकर मेरिट आधार पर पीजी कोर्स में प्रवेश दिए जाने के फैसले के खिलाफ छात्र आंदोलन का कोई असर नहीं नहीं हुआ। विवि प्रशासन ने छात्र संगठनों के एक सप्ताह से लगातार चल रहे धरने-प्रदर्शनों को नजरंदाज किया और मेरिट से प्रवेश के फैसले को नहीं बदला। अब मेरिट पर प्रवेश का शेड्यूल जारी हो चुका है, तो विरोध भी शायद ज्यादा होगा।

HP BREAKING NEWS | हिमाचल प्रदेश समाचार 10 बड़ी खबरें

Join facebook page

 

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *