HP TOP 10 NEWS | आज की 10 बड़ी खबरें हिमाचल से – BOLTA HIMACHAL

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अब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप भी गए दिल्ली, सियासी हलचल तेज ( HP TOP 10 NEWS)

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के दिल्ली जाने से सियासी हलचल तेज हो गई है। मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भी केंद्रीय नेताओं से भेंट कर हिमाचल लौट आए हैं। दूसरी ओर, हाईकमान ने कांगड़ा में एक कार्यक्रम में जा रहे अनुराग ठाकुर को भी पिछले दिनों दिल्ली बुलाया। पिछले हफ्ते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी सीएम जयराम ठाकुर को बिहार विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बीच दिल्ली बुलाया। इससे प्रदेश भाजपा की राजनीति गरमाई हुई है।



हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं और हाईकमान के बीच यह पक क्या रहा है। इस बारे में तो स्पष्ट जानकारी अभी तक बाहर नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य में सरकार और संगठन को आलाकमान अधिक चुस्त चाह रहा है। करीब दो साल बाद हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं तो हाईकमान चाहता है कि सरकार यहां किसी भी सूरत में रिपीट करे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि वह दिल्ली में हैं। वह लोकसभा की एक कमेटी की बैठक में शामिल होने वहां गए हैं। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बीच वह मिल पाएंगे कि नहीं, यह वह नहीं जानते हैं। वह उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं देना चाहते हैं।

इमरजेंसी में अब 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी पुलिस

देश में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) 112 को सबसे पहले लागू करने वाली हिमाचल पुलिस अब इस नंबर पर आने वाली शिकायतों के मिलने के बाद के रिएक्शन टाइम को आधा करने की तैयारी में है। अभी 112 पर मिलने वाली शिकायत के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचने में 18 से 20 मिनट लग रहे हैं। हिमाचल पुलिस की कोशिश यह है कि शिकायत मिलने के दस मिनट के अंदर कॉल करने वाले को पहली मदद मुहैया हो जाए।

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DGP SANJAY KUNDU HIMACHAL

रिस्पांस टाइम घटाने को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को जरूरी निर्देश दिए हैं। साथ ही वाहनों की कमी को दूर करने के लिए बड़े वाहनों के बजाय छोटे व दोपहिया वाहनों की खरीद पर भी विचार किया जा रहा है। कोशिश यह है कि शिकायतकर्ता के सूचना देने दस मिनट के भीतर स्थानीय पुलिस उससे संपर्क कर ले। इसके बाद थाने से अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंचती रहे।




डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि हिमाचल में जब ईआरएसएस लांच होने से अब तक संसाधनों के अभाव के बीच भी पुलिस लोगों की शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण करने की कोशिश में जुटी है। बताया कि ईआरएसएस के लांच होने से अब तक औसतन साढ़े तीन सौ शिकायतें ऐसी आती हैं, जिनमें तत्काल कार्रवाई की जरूरत होती है। इनमें से ज्यादातर को मौके पर निपटा लिया जाता है। बाकी जिन मामलों में विधिक कार्रवाई की जरूरत होती है वह की जाती है।

हिमाचल में कोरोना के मामले बढ़ने से हाईकोर्ट चिंतित, कहा-सरकार दो दिन में स्थिति स्पष्ट करे

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हिमाचल में कोरोना मामलों में अचानक वृद्धि होने पर हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने सरकार को प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के लिए उठाए कदमों से कोर्ट को अवगत कराने को कहा है। गौरतलब है कि हिमाचल में सरकार की ओर से प्रतिबंध हटाने के बाद कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई। अब प्रतिदिन 600 से अधिक मामले आ रहे हैं। शिमला में प्रतिबंधों में ढील और शोघी बैरियर हटाने से कोविड-19 मामले बढ़े हैं। अंकुश हटने के बाद बड़ी संख्या में लोग महामारी फैलाते हुए शिमला शहर का दौरा कर रहे हैं। जिले में 5 सितंबर के बाद मामले अचानक बढ़े। 1,064 में से 780 मामले इस दौरान ही आए।



पहला कोरोना का मामला 24 मई को आया था और प्रतिबंधों के हटने के बाद तीन से पांच की औसत से प्रतिदिन मामलों का औसत बढ़कर 34 हो गया। नवंबर में इन मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाहर से आने वाले लोगों की कोई जांच नही हो रही। शिमला और अन्य पर्यटक रिसॉर्ट्स में आने वाले लोगों से कोरोना फैलने का डर स्थानीय लोगों को चिंतित कर रहा है। हिमाचल में उत्तराखंड, राजस्थान और केरल के पर्यटकों के आने से बीमारी का खतरा बढ़ गया हैं। मामले पर अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।

हिमाचल के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में होगी साइंस-कॉमर्स की पढ़ाई

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अब तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थी साइंस और कॉमर्स के विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कोई भी शिक्षण संस्थान अब एक ही विषय की पढ़ाई नहीं करवा पाएगा। शिक्षा नीति में सभी शिक्षण संस्थानों को बहु-विषयक बनाने का प्रावधान किया गया है। यह बात हिमाचल के उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और प्रदेश विवि के पूर्व कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता ने तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन विषय पर सेमीनार में बतौर मुख्यातिथि कही। विवि के कुलपति प्रो एसपी बंसल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रो. गुप्ता ने कहा कि ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हिमाचल में लागू करने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।





उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रूसा को प्रदेश में बिना तैयारी से लागू किया गया था, उस प्रकार की कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को किस फेस में और कहां लागू होगी, इसके लिए प्रदेश सरकार ने टास्क फोर्स बनाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर लागू करने में शिक्षक वर्ग की सबसे अहम भूमिका रहेगी। कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी। सेमीनार में तकनीकी विवि के डीप अकादमिक प्रो. कुलभूषण चंदेल, कुलसचिव अनुपम कुमार, उच्च शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना अधिकारी बलवीर पटियाल, अधिष्ठाता अभियांत्रिकी डॉ. धीरेंद्र शर्मा, वित्ताधिकारी उत्तम पटियाल इस दौरान मौजूद रहे।

हिमाचल: निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश वापस

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मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश वापस ले लिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी पत्र में कहा है कि सरकार ने ट्यूशन फीस के अलावा सभी फंड कोरोना संकट को देखते हुए स्थगित किए थे। मई में जारी आदेशों को वापस लिया जाता है। उधर, पुरानी फीस वसूली पर असमंजस अभी बरकरार है। उच्च शिक्षा निदेशालय से जारी निर्देशों में लॉकडाउन की पूरी फीस लेने या ना लेने को लेकर स्थिति अस्पष्ट है। विभागीय अधिकारी कुछ भी बोलने से गुरेज कर रहे हैं। अधिकारियों की इस चुप्पी ने लाखों अभिभावकों को अधर में फंसा कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से बुधवार को प्रदेश के निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को जारी किए गए पत्र में बताया गया कि 26 मई 2020 को सरकार ने कोरोना संकट के चलते सिर्फ ट्यूशन फीस ही अभिभावकों से लेने के निर्देश दिए थे। अब इन आदेशों को वापस ले लिया गया है।




निदेशालय ने मंत्रिमंडल बैठक में हुए फैसले का हवाला देते हुए यह पत्र जारी किया है। निदेशालय की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि लॉकडाउन के दौरान नहीं वसूले गए अन्य फंड जैसे बिल्डिंग फंड, मेंटेनस फंड, स्पोर्ट्स फंड, कंप्यूटर फीस और अन्य फंड भी निजी स्कूल अब ले सकते हैं या नहीं। निदेशालय की इस कार्यप्रणाली को लेकर अभिभावक असमंजस में हैं। प्रदेश के कई निजी स्कूलों से मंत्रिमंडल का फैसला होने के बाद से पुरानी फीस वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर छात्र अभिभावक मंच उच्च शिक्षा निदेशालय प्रदर्शन कर अपना विरोध भी जता चुका है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा का कहना है कि जब लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद थे तो निजी स्कूल किस आधार पर कंप्यूटर फीस, स्पोर्ट्स फंड सहित अन्य फंड वसूल रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट से भी हस्तक्षेप करने की मांग की है।

टिप्पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरा, चालक की मौके पर मौत

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शिलाई क्षेत्र की मिल्ला सड़क पर एक टिप्पर के गहरी खाई में गिरने से चालक की मौत हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तोता राम निवासी गंगटोली अपने टिप्पर में टिम्बी से मिल्ला सामान लेकर जा रहा था कि मिल्ला के नजदीक टिप्पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि चालक तोता राम दम तोड़ चुका था।

घटना की सूचना शिलाई पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही शिलाई पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल शिलाई ले जाया गया जहां पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, पांवटा साहिब के डीएसपी बीर बहादुर ने बताया कि मिल्ला में एक टिप्पर के खाई में गिरने से चालक की मौत हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

बिजली बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, बिल न भरने पर 450 डिफाल्टरों के कनैक्शन काटे

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धर्मशाला (कर्मपाल): लंबे समय से बिजली बिल न भरने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ बिजली बोर्ड सख्त हो गया है। बिजली बोर्ड ने सख्ती दिखाने के बाद उपभोक्ताओं से 22 लाख की रिकवरी की है। जानकारी के अनुसार विद्युत बोर्ड ने बिजली बिलों में आनाकानी करने वाले लगभग 1200 डिफाल्टरों को नोटिस भेजा है। नोटिस का जवाब न देने पर इन डिफाल्टरों में से लगभग 450 डिफाल्टरों के बिजली कनैक्शनों को अस्थायी रूप से काट दिया है।




जानकारी के अनुसार इनमें से लगभग 300 उपभोक्ताओं ने जुर्माना व बिल अदा कर अपने-अपने कनैक्शन दोबारा बहाल करवाए हैं, जिनसे बिजली बोर्ड ने 22 लाख की रिकवरी की है। बता दें कि धर्मशाला में कई लोग और सरकारी व गैर सरकारी संस्थान हैं जो बिजली विभाग का बिल देने का नाम नहीं ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस समय लगभग बिजली बोर्ड का 1 करोड़ से अधिक रुपए उपभोक्ताओं के पास फंसे हुए हंै। इनमें से लगभग 80 लाख रुपए तो केवल सरकारी कार्यालयों के पास अटके हैं।

बिजली बोर्ड को यह राशि वसूलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वे नहीं चाहते कि किसी से जोर जबरदस्ती करके बिजली बिल वसूले जाएं। सॢदयों के मौसम में बिजली की आवश्यकता अधिक होती है बावजूद इसके डिफाल्टर्स अपना बकाया बिल अदा नहीं करते हैं तो उन्हें न चाहते हुए भी सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।





बिजली बोर्ड धर्मशाला के एक्सियन विकास ठाकुर ने बताया कि बिजली बोर्ड ने 1200 डिफाल्टरों को नोटिस भेजे हैं। इनमें से 450 डिफाल्टरों के बिजली के कनैक्शन अस्थायी रूप से काटे गए हैं, जिनमें से 300 ने जुर्माना व बिल देकर अपने कनैक्शन बहाल करवा लिए हैं। इन डिफाल्टरों से लगभग 22 लाख रुपए की रिकवरी की गई है।

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